हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा शशिकला ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने फिल्मों में खास पहचान बनाई, लेकिन उनका निजी जीवन संघर्षों से भरा रहा।
शशिकला का जन्म एक संपन्न परिवार में हुआ था। बचपन में उन्होंने आर्थिक सुख-सुविधाएं देखीं, लेकिन परिवार की स्थिति अचानक ऐसी बदली कि उन्हें मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। परिवार की मदद करने के लिए उन्होंने मुंबई में दूसरे लोगों के घरों में घरेलू काम तक किया। इसके बाद फिल्मों में कदम रखने के साथ उनकी जिंदगी ने पूरी तरह नया मोड़ लिया।
महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ था जन्म
शशिकला का जन्म 4 अगस्त 1932 को महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ था। वह एक बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत परिवार से संबंध रखती थीं। परिवार के पास किसी चीज की कमी नहीं थी और उनका बचपन आराम से बीता।
लेकिन जब शशिकला करीब छह साल की थीं, तब परिवार को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उनके पिता का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ और परिवार की आर्थिक स्थिति अचानक कमजोर हो गई।
इस बदलाव ने शशिकला के जीवन पर गहरा असर डाला।
मुंबई में परिवार चलाने के लिए किया घरेलू काम
आर्थिक परेशानियों के बाद शशिकला का परिवार मुंबई आ गया। यहां हालात पहले जैसे नहीं थे। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शशिकला ने भी कम उम्र में जिम्मेदारियां उठानी शुरू कर दीं।
बताया जाता है कि उन्होंने लोगों के घरों में घरेलू काम किया और झाड़ू-पोछा तक लगाया। एक समय जिस लड़की ने संपन्न परिवार में बचपन बिताया था, उसे परिवार की आर्थिक मदद के लिए इस तरह के काम करने पड़े।
हालांकि यही संघर्ष आगे चलकर उनके लिए एक नई राह लेकर आया।
13 साल की उम्र में फिल्मों में रखा कदम
शशिकला ने बहुत कम उम्र में फिल्मी दुनिया का रुख कर लिया था। करीब 13 साल की उम्र में उन्हें 1945 की फिल्म ‘जीनत’ में काम करने का अवसर मिला।
फिल्म में वह एक कव्वाली वाले दृश्य में नजर आई थीं। इस फिल्म में काम करने के लिए उन्हें करीब 25 रुपये मेहनताना मिला था।
उस दौर में 25 रुपये उनके लिए बड़ी रकम मानी जाती थी। फिल्म में उन्हें मौका मिलने के पीछे नूरजहां के परिवार से जुड़े लोगों की भूमिका भी बताई जाती है।
फिल्मों में सहायक और चरित्र भूमिकाओं से बनाई पहचान
शशिकला ने धीरे-धीरे फिल्मों में अपना मुकाम बनाया। समय के साथ वह हिंदी सिनेमा में सहायक भूमिकाओं और खासकर नकारात्मक एवं चरित्र किरदारों के लिए पहचानी जाने लगीं।
उनकी अदाकारी में एक अलग तरह की सहजता थी, जिसकी वजह से दर्शक उनके किरदारों को लंबे समय तक याद रखते थे।
अपने करियर में उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘चोरी-चोरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘बादशाह’, ‘परदेसी बाबू’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आईं।
टीवी पर भी किया काम
बड़े पर्दे के साथ शशिकला ने टेलीविजन पर भी अभिनय किया। उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में काम किया और छोटे पर्दे के दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाई।
उनके टीवी कामों में ‘अपनापन’, ‘किसे अपना कहें’, ‘सोनपरी’, ‘दिल देके देखो’ और ‘आह’ जैसे शोज का नाम लिया जाता है।
कैंसर से जूझने के बाद 2021 में हुआ निधन
लंबे समय तक हिंदी सिनेमा का हिस्सा रहीं शशिकला का निधन 4 अप्रैल 2021 को मुंबई में हुआ था। वह कैंसर से जूझ रही थीं।
उन्होंने अपनी जिंदगी में बेहद अलग-अलग दौर देखे—एक संपन्न परिवार में बचपन, फिर आर्थिक संकट और घरेलू काम करने की मजबूरी और आखिरकार फिल्मों के जरिए एक सफल अभिनेत्री के रूप में पहचान।
शशिकला की जिंदगी इस बात की मिसाल रही कि मुश्किल हालात के बावजूद इंसान अपनी प्रतिभा और मेहनत से अपनी राह बदल सकता है।


































