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कतर्नियाघाट से पर्यावरण संरक्षण की नई उड़ान: डॉ. राजेश्वर सिंह ने लॉन्च की “Environment Warriors” की वेबसाइट ; 7 महिला वनकर्मियों को ई-स्कूटर और वन प्रहरियों को 100 रेनकोट व 100 टैक्टिकल टॉर्च सौंपे; जल्द पुरुष वनकर्मियों को भी मिलेंगी 10 ई-बाइक

लखनऊ/बहराइच, 25 जुलाई 2026। वन्यजीव संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण और वनकर्मियों की सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में कई महत्वपूर्ण पहल कीं। इको अवेयरनेस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘Environment Warriors’ की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। इसी दौरान उत्तर प्रदेश में पहली बार सात महिला वनकर्मियों को इलेक्ट्रिक स्कूटर सौंपे गए तथा वन प्रहरियों को मानसून और रात्रिकालीन गश्त के लिए 100 रेनकोट और 100 टैक्टिकल टॉर्च वितरित किए गए।

कार्यक्रम का आयोजन कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के DFO अपूर्व दीक्षित, IFS के मार्गदर्शन में Environment Warriors के तत्वावधान तथा श्री पीताम्बरा बगलामुखी सिद्ध पीठ उत्तराखंड ट्रस्ट, लखनऊ के सहयोग से किया गया।

‘जंगल की बेटियों’ को मिली ई-स्कूटर की ताकत

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सात महिला वनकर्मियों को सात इलेक्ट्रिक स्कूटर सौंपते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पर्यावरण-अनुकूल इन वाहनों से महिला वनरक्षक दुर्गम वन क्षेत्रों में मौन और शून्य-उत्सर्जन गश्त कर सकेंगी। इससे एक ओर वन्यजीव संरक्षण की निगरानी मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर महिला वनकर्मियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सेवा और संकल्प के मार्ग पर चलते हुए प्रयास है कि समाज के हर वर्ग को सम्मान और सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि वन सीमाओं की प्रहरी बेटियों को संसाधन उपलब्ध कराना पर्यावरण संरक्षण के साथ नारी सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण कदम है।

वन प्रहरियों को 100 रेनकोट और 100 टॉर्च

मानसून और रात के समय जंगलों में गश्त करने वाले वनकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में 100 रेनकोट और 100 टैक्टिकल टॉर्च भी वितरित किए गए। डॉ. सिंह ने वनकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष के 300 से अधिक दिन जंगलों में बिताने वाले ये कर्मचारी वास्तव में प्रकृति के सबसे समर्पित प्रहरी हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही पुरुष वनकर्मियों के लिए गश्त हेतु 10 ई-बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी।

‘73 प्रतिशत वन्यजीव आबादी में गिरावट मानवता के लिए चेतावनी’

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने WWF की Living Planet Report 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि 1970 से 2020 के बीच निगरानी की गई वन्यजीव आबादी के औसत आकार में 73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होना पूरी मानवता के लिए गंभीर चेतावनी है।

उन्होंने कहा कि मीठे पानी की प्रजातियों में 85 प्रतिशत, स्थलीय जीवों में 69 प्रतिशत और समुद्री जीवों में 56 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। यह केवल वन्यजीवों का संकट नहीं, बल्कि जल, भोजन, जलवायु संतुलन और मानव सभ्यता के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

डॉ. सिंह ने कहा कि कतर्नियाघाट, दुधवा और पीलीभीत जैसे जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्रों के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी भी बेहद आवश्यक है।

सोलर वाटर पंप से लेकर पौधरोपण तक संरक्षण पर जोर

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अब तक करीब 10 सोलर वाटर पंप स्थापित किए जा चुके हैं और इस वर्ष कम से कम 25 अतिरिक्त सोलर वाटर पंप लगाए जाएंगे। उन्होंने वन्यजीव-मानव संघर्ष की चुनौती से निपटने के लिए जल स्रोतों और जंगल के भीतर आवश्यक संसाधनों को मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने प्रदेश में चलाए गए बड़े पैमाने के पौधरोपण अभियानों और दुधवा, कतर्नियाघाट तथा पीलीभीत जैसे संरक्षित क्षेत्रों के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

घड़ियाल-मगरमच्छ संरक्षण केंद्र का किया निरीक्षण

कार्यक्रम के बाद डॉ. राजेश्वर सिंह ने कतर्नियाघाट के घड़ियाल, मगरमच्छ एवं कछुआ संरक्षण केंद्र का भ्रमण किया। उन्होंने केंद्र में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए इसे विश्वस्तरीय संरक्षण मॉडल बताया। इस दौरान उन्होंने मैसेज वॉल पर प्रेरणादायी संदेश लिखकर हस्ताक्षर भी किए।

‘Environment Warriors’ अभियान को मिलेगा व्यापक स्वरूप

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जैव विविधता की रक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े इस अभियान को आगे और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग की आवश्यकताओं को लेकर वन मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि Environment Warriors केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास है। 500 से अधिक साइकिलों, डिजिटल क्लासरूम, महिला सशक्तिकरण की पहलों के बाद अब ई-स्कूटर जैसी सुविधाओं के माध्यम से अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में DFO अपूर्व दीक्षित, SDO शिवाकांत शर्मा, रेंज वनाधिकारी आशीष गौड़, अम्बालिका ग्रुप के चेयरमैन अम्बिका मिश्रा, हरीश सिद्धार्थ, डिप्टी रेंजर मयंक पाण्डेय, वन दरोगा राधेश्याम सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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