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प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त प्रभार के तौर पर संभालेंगे मंत्रालय ; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ने मंजूर किया प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली/लखनऊ। केंद्र सरकार ने शनिवार को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा।

प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त दायित्व मिलने के बाद उनके पास केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

कौन हैं प्रह्लाद जोशी?

प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (पूर्व में बीजापुर) में हुआ था। उन्होंने हुबली में स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके बाद केएस आर्ट्स कॉलेज, हुबली, जो कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से संबद्ध है, से कला स्नातक यानी बीए की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक गतिविधियों और सार्वजनिक मुद्दों की ओर रहा।

सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए प्रह्लाद जोशी ने भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। कर्नाटक में पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

2004 में पहली बार पहुंचे लोकसभा

प्रह्लाद जोशी ने 2004 में धारवाड़ लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर पहली बार संसद में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने लगातार चुनाव जीतते हुए धारवाड़ का प्रतिनिधित्व जारी रखा। 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में जीत दर्ज कर वे लगातार पांचवीं बार लोकसभा सांसद बने।

कर्नाटक भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ वे 2014 से 2016 तक पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी रहे। उनकी पहचान भाजपा के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में होती है।

2019 में पहली बार बने केंद्रीय मंत्री

प्रह्लाद जोशी को 30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।

अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ प्रह्लाद जोशी के सामने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को संभालने की जिम्मेदारी होगी। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं में भरोसा बहाल करना, परीक्षा प्रणाली में सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाना और उच्च शिक्षा से जुड़े सुधार प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं।

पांच बार के सांसद से शिक्षा मंत्रालय तक का सफर

विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी ने छात्र जीवन से शुरू हुई सामाजिक सक्रियता से लेकर भाजपा संगठन, कर्नाटक की राजनीति और फिर राष्ट्रीय राजनीति तक लंबा सफर तय किया है। 2004 से लगातार धारवाड़ का प्रतिनिधित्व करने वाले जोशी अब देश की शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले केंद्रीय मंत्री के रूप में नई भूमिका में नजर आएंगे।

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