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डीजीपी के अभियान को सुल्तानपुर में मिली बड़ी सफलता : SP चारु निगम के निर्देशन में एसओजी-सर्विलांस और कुड़वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय चोर गिरोह के 4 शातिर सदस्य गिरफ्तार, 18 लाख से अधिक के जेवरात और नकदी बरामद

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुलतानपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना कुड़वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे अंतरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जो लंबे समय से सुलतानपुर, प्रतापगढ़ सहित कई जनपदों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

शनिवार 14 जून 2026 की सुबह लगभग 3:40 बजे मुखबिर की सूचना पर फिरोजपुर कलां तिराहा, थाना कुड़वार क्षेत्र से चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कई लंबित चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है और प्रदेश के अन्य जिलों में हुई घटनाओं की भी कड़ियां जुड़ सकती हैं।

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चोरी से पहले कई दिनों तक करते थे रेकी, सीसीटीवी कैमरों और लोगों की दिनचर्या पर रखते थे नजर

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की अपनी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया है। आरोपियों के अनुसार वे किसी भी घर या क्षेत्र में चोरी करने से पहले कई दिनों तक वहां की गतिविधियों का अध्ययन करते थे। घर में कौन-कौन रहता है, किस समय लोग बाहर जाते हैं, कब सोते हैं और घर तक पहुंचने के कितने रास्ते हैं—इन सभी बातों की विस्तार से रेकी की जाती थी।

इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन, उनकी दिशा और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था पर भी नजर रखी जाती थी ताकि घटना के समय कैमरों की पकड़ से बचा जा सके। पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद ही गिरोह वारदात को अंजाम देता था।

मोबाइल फोन बंद कर देते थे आरोपी, ताकि सर्विलांस में न आ सकें

गिरोह की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि चोरी की घटना को अंजाम देने जाते समय कोई भी सदस्य अपने साथ मोबाइल फोन नहीं रखता था। सभी आरोपी पहले ही मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह तरीका आमतौर पर पेशेवर अपराधी अपनाते हैं, ताकि लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के माध्यम से पुलिस तक उनकी पहुंच न हो सके। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि गिरफ्तार आरोपी काफी समय से संगठित तरीके से अपराध कर रहे थे और पुलिस की तकनीकी जांच प्रणाली से बचने की पूरी तैयारी रखते थे।

घर के भीतर सो रहे लोगों के बीच भी कर देते थे चोरी, किसी को नहीं लगती थी भनक

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद शातिर और साहसी थे। कई मामलों में वे रात के समय उन घरों में घुस जाते थे, जहां परिवार के सदस्य अंदर सो रहे होते थे। इसके बावजूद वे इतनी सावधानी से अलमारी, लॉकर और अन्य स्थानों से जेवरात व नकदी निकाल लेते थे कि सुबह तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हो पाती थी।

पुलिस का मानना है कि आरोपियों को चोरी की घटनाओं का लंबा अनुभव था, जिसके कारण वे बिना किसी शोर-शराबे के वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

चोरी के जेवर गलाने और बेचने वाले जौहरी की तलाश में पुलिस

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद जेवरात सीधे बाजार में नहीं बेचे जाते थे। इसके लिए सुलतानपुर की पंजाबी कॉलोनी निवासी मनीष जायसवाल नामक व्यक्ति की मदद ली जाती थी।

आरोपियों के अनुसार मनीष जायसवाल चोरी के सोने-चांदी के जेवरों को गलाकर उनकी पहचान समाप्त कर देता था और बाद में उन्हें बेचता था। बदले में वह अपना कमीशन भी लेता था। पुलिस का कहना है कि चोरी का कुछ माल अभी भी उसके पास हो सकता है। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।

डॉक्टर संजय मिश्रा के घर हुई चर्चित चोरी समेत कई मामलों का हुआ खुलासा

गिरफ्तार अपराधियों ने सुलतानपुर शहर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित चिकित्सक डॉ. संजय मिश्रा के घर हुई चर्चित चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। यह घटना उस समय जिले में काफी चर्चा का विषय बनी थी क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान चोरी हुआ था।

इसके अलावा जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी चोरियों, कुड़वार थाना क्षेत्र की दो चोरी की घटनाओं तथा प्रतापगढ़ जनपद के कोतवाली नगर और अंतू थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस अब इन घटनाओं से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

प्रतापगढ़ के सीसीटीवी फुटेज और यक्ष एप से मिला बड़ा सुराग

पुलिस के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने में आधुनिक तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

इसके अलावा यक्ष एप के माध्यम से भी आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त मेहनत के बाद अपराधियों की पहचान सुनिश्चित हुई और अंततः उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।

18 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी, सोना-चांदी और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2 लाख 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा लगभग 95 ग्राम सोने के जेवरात भी बरामद हुए हैं, जिनमें चार चैन, एक लॉकेट, एक अंगूठी, दो जोड़ी झुमकी, दो जोड़ी कान के झुमके और गलाया हुआ सोना शामिल है। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

चांदी के आभूषणों में एक करधनी, नौ जोड़ी पायल, 14 जोड़ी बिछिया और कमर की हाफ पेटी बरामद हुई है, जिनका कुल वजन लगभग 650 ग्राम है। इनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त पीड़ित परिवार से संबंधित बैंक पासबुक और आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार चार आरोपियों में तीन हिस्ट्रीशीटर, दर्जनों मुकदमे पहले से दर्ज

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में जावेद अहमद, अजीम कुरैशी और मोहम्मद आदिल कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। इनके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

जावेद अहमद के खिलाफ 34 से अधिक, अजीम कुरैशी के खिलाफ 23 से अधिक तथा मोहम्मद आदिल के खिलाफ 27 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय था।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी वारदातों की आशंका, पुलिस कर रही जांच

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। हालांकि उन घटनाओं की संख्या और स्थानों की जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में कई अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।

उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार

इस महत्वपूर्ण सफलता पर पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

गिरफ्तारी अभियान में थाना कुड़वार के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार यादव, एसओजी प्रभारी शिवानंद, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दिनेश यादव, उपनिरीक्षक अविनाश चंद्र सहित एसओजी, सर्विलांस और थाना कुड़वार की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के माध्यम से सुलतानपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठित अपराध और चोरी की घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी विश्लेषण और सर्विलांस की मदद से अपराधियों तक पहुंचना अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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