अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर अब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में दक्षिण चीन सागर के आसपास कई सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे क्षेत्र के कई देशों की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों ने अपने-अपने सैन्य अभ्यास और निगरानी अभियानों को बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार, टेक्नोलॉजी और समुद्री सीमा विवादों को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी गतिविधि पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।
हाल ही में अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किए, जबकि चीन ने भी अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए कई युद्धपोत और फाइटर जेट तैनात किए। इस घटनाक्रम के बाद जापान, फिलीपींस और ताइवान जैसे देशों ने भी सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है।
राजनयिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि दोनों देशों की ओर से फिलहाल बातचीत के जरिए हालात को नियंत्रित करने की बात कही जा रही है।


































