मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान युद्ध के बीच रूस में पाकिस्तान के राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने भारत और पाकिस्तान के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग की बात कही है।
एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी राजदूत ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान ने लंबे समय से एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला न करने की पारस्परिक समझ बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की परमाणु सुविधाएं सुरक्षित हैं और यह व्यवस्था क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए ऐसी समझ और भी जरूरी हो जाती है। उनके अनुसार, किसी भी परमाणु ठिकाने पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है।
राजदूत ने यह भी उल्लेख किया कि हालिया क्षेत्रीय तनाव के दौरान इजरायल द्वारा परमाणु ढांचे पर संभावित हमलों की आशंका को लेकर चिंता जताई गई थी, क्योंकि इससे न केवल संबंधित देश बल्कि आसपास के क्षेत्रों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
भारत-पाक संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। साथ ही उन्होंने रूस की मध्यस्थ भूमिका की संभावना पर भी सकारात्मक रुख दिखाया।
इसके अलावा पाकिस्तान ने यह भी इच्छा जताई कि वह ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में शामिल होना चाहता है और इसके लिए भारत के साथ बेहतर संबंधों की आवश्यकता को भी स्वीकार किया।
हालांकि भारत की ओर से पहले भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि सीमा पार सैन्य तनाव को रोकने पर सहमति दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर की सीधी बातचीत के बाद बनी थी।
कुल मिलाकर, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान की यह टिप्पणी एक कूटनीतिक नरमी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।


































