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“योगी राज में भी भूमाफियाओं के निशाने पर प्राचीन श्री हनुमान टेकरी धाम? महंत को धमकी, करोड़ों की मंदिर भूमि पर कब्जे की साजिश के आरोप”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बीकेटी तहसील क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां प्राचीन श्री हनुमान टेकरी धाम की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर कब्जे की कोशिशों और मंदिर के महंत को लगातार धमकियां दिए जाने के आरोपों ने सनसनी फैला दी है। उम्मरभारी गांव निवासी अमरेन्द्र यादव उर्फ पप्पू पर महंत श्री रामेश्वर दास जी महाराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह मंदिर के नाम पर फर्जी ट्रस्ट संचालित कर श्रद्धालुओं से धन उगाही कर रहा है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।

महंत के मुताबिक सीतापुर रोड स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी “नैमिष नगर योजना” के अंतर्गत फर्रुखाबाद ग्राम पंचायत के सैदापुर गांव में स्थित श्री हनुमान टेकरी धाम की भूमि पर भूमाफियाओं की नजर है। आरोप है कि अमरेन्द्र यादव के साथ बीकेटी क्षेत्र का एक प्रभावशाली सफेदपोश भी जुड़ा हुआ है, जो राजनीतिक और आर्थिक संरक्षण के दम पर मंदिर की संपत्ति पर कब्जे की साजिश रच रहा है।

महंत श्री रामेश्वर दास जी महाराज का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अमरेन्द्र यादव और उसके गुर्गों पर मंदिर परिसर में जबरन घुसने, शराब पीकर उत्पात मचाने, मंदिर का गेट तोड़ने और महंत को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। इन मामलों में कई बार कार्रवाई भी हुई है। सूत्रों के अनुसार अमरेन्द्र यादव पर अवैध हथियार रखने, लोगों के साथ लाखों रुपये की हेराफेरी करने समेत कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और उसे जेल भी भेजा जा चुका है। इतना ही नहीं, उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसके हौसले कम नहीं हुए।

महंत ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले भी अमरेन्द्र यादव ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “जो मैं कहूं वही करो, नहीं तो अपनी पहुंच और पैसे के दम पर मैं कुछ भी कर सकता हूं। तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, क्योंकि जिनके संरक्षण में मैं काम कर रहा हूं वो मामूली इंसान नहीं हैं।” इस कथित धमकी के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब एक प्राचीन मंदिर और उसके महंत ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राजधानी लखनऊ में एक कथित भूमाफिया को किस सफेदपोश और किस राजनीतिक संरक्षण का सहारा प्राप्त है, जिसके दम पर वह खुलेआम मंदिर की जमीन पर नजर डालने और महंत को धमकाने जैसे आरोपों के बावजूद बेखौफ घूम रहा है। योगी सरकार लगातार माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश का दावा करती रही है, ऐसे में स्थानीय श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने, मंदिर की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित भूमाफिया अमरेन्द्र यादव व उसके संरक्षणदाताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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