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पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में दक्षिणी जोन की पुलिस की बड़ी कार्रवाई : अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; 718 शिकायतों से जुड़े मिले तार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक संगठित कॉरपोरेट साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पीओएस मशीनें और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ देशभर में NCRP पोर्टल पर 718 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।

सूचना मिलते ही फ्लैट पर मारा गया छापा

पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को सूचना मिली थी कि आवास विकास योजना स्थित लाइट हाउस अपार्टमेंट के एक फ्लैट में कुछ लोग साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की।

फ्लैट के अंदर चार लोग लैपटॉप और मोबाइल फोन के माध्यम से संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते मिले। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर कर निकालते थे।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—

  • सत्येन्द्र सविता (उन्नाव)
  • निप्पु कुमार (पूर्वी चंपारण, बिहार)
  • मनीष कुमार (पूर्वी चंपारण, बिहार)
  • सन्नी कुमार (पूर्वी चंपारण, बिहार)

पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

ऐसे काम करता था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले भोले-भाले लोगों के KYC दस्तावेज हासिल करता था। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराकर उनके नाम से कॉरपोरेट बैंक खाते खुलवाए जाते थे।

इन खातों की चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल, सिम और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी एक्सेस गैंग के मास्टरमाइंड को सौंप दी जाती थी। बाद में देशभर में होने वाली साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, बेटिंग और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम इन्हीं खातों में जमा कराई जाती थी और कई चरणों में ट्रांसफर कर उसे निकाल लिया जाता था।

पूरी प्रक्रिया व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाती थी, जिससे गिरोह का सरगना सामने न आए।

भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद किया—

  • 79 चेकबुक
  • 77 एटीएम कार्ड
  • 29 सिम कार्ड
  • 15 एंड्रॉयड मोबाइल
  • 14 कीपैड मोबाइल
  • 6 पीओएस मशीन
  • 3 लैपटॉप
  • विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज
  • 6 स्टांप एवं मोहर
  • 3 आईडी कार्ड

718 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले तार

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर देश के विभिन्न राज्यों से 718 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब प्रत्येक शिकायत और बैंक खाते की जांच कर रही है ताकि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना सुशांत गोल्फ सिटी में बीएनएस की धारा 317(2), 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C एवं 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

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