
- आम जनता पर नहीं, माफियाओं और अपराधियों पर हो प्रशासन की सख्ती हो” – डॉ. राजेश्वर सिंह
- छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के हित में मुख्यमंत्री से संवेदनशील कार्रवाई की अपील
- “सरकार का उद्देश्य भय नहीं, जनता के बीच विश्वास और संवाद बढ़ाना होना चाहिए”
- चुनावी माहौल में प्रशासनिक कार्रवाई में संयम और व्यवहारिकता बरतने की मांग
- डॉ. राजेश्वर सिंह बोले – सुशासन की असली पहचान जनता के सम्मान और संवेदनशीलता में है

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश में विभिन्न प्रवर्तन एवं स्थानीय प्रशासनिक विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाइयों में संवेदनशीलता, संयम और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
18 मई 2026 को लिखे गए इस पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था, निवेश, प्रशासनिक पारदर्शिता और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और निवेश का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है, जिससे जनता में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में जब चुनाव नजदीक हैं, तब यह आवश्यक हो जाता है कि विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियां और स्थानीय प्रशासनिक इकाइयां कार्रवाई के दौरान विशेष संयम और संवेदनशीलता बरतें। उन्होंने आशंका जताई कि विपक्ष छोटे-छोटे स्थानीय विवादों और नकारात्मक घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कर सरकार के खिलाफ भ्रम और असंतोष का माहौल बनाने का प्रयास कर सकता है।
पत्र में विधायक ने विशेष रूप से छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों, निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों और सामान्य नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर अनावश्यक नोटिस, अत्यधिक चालान, बिजली विच्छेदन, सीलिंग या अतिक्रमण हटाने जैसी कठोर कार्रवाइयां जन-असंतोष का कारण बन सकती हैं।
हालांकि डॉ. राजेश्वर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि माफिया, अवैध कब्जेदारों, संगठित भ्रष्टाचार, भूमाफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम जनता और छोटे आजीविका वर्गों के मामलों में अनावश्यक कठोरता से बचना प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी उचित होगा।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सभी संबंधित विभागों, प्रवर्तन एजेंसियों, स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों, नगर निकायों, विद्युत विभाग और अन्य क्षेत्रीय प्रवर्तन इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कानून व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे और जनता के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश, विश्वास और संवाद कायम रहे।


































