मुकेश छाबड़ा आज बॉलीवुड के सबसे चर्चित कास्टिंग डायरेक्टर्स में गिने जाते हैं। कई सुपरहिट फिल्मों के पीछे उनकी कास्टिंग की बड़ी भूमिका रही है। लेकिन इस सफलता तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। आर्थिक तंगी, संघर्ष और छोटे-छोटे कामों से शुरुआत करने वाले मुकेश ने अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई।
क्रिकेटर बनने का था सपना
दिल्ली में जन्मे मुकेश छाबड़ा बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे। उन्हें क्रिकेट से बेहद लगाव था और इसी क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते थे। लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण वे किसी अच्छी क्रिकेट अकादमी में दाखिला नहीं ले सके और उन्हें अपना सपना छोड़ना पड़ा।
इसके बाद उनका रुझान थिएटर की ओर बढ़ा। उन्होंने अभिनय की ट्रेनिंग ली और कई साल तक थिएटर से जुड़े रहे।
थिएटर से शुरू हुआ सफर
मुकेश ने दिल्ली के श्री राम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स से एक्टिंग सीखी। बाद में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की थिएटर इन एजुकेशन कंपनी के साथ काम किया। यहां उन्होंने अभिनय और शिक्षण दोनों क्षेत्रों में अनुभव हासिल किया।
सिर्फ 50 रुपये लेकर पहुंचे मुंबई
मुंबई आने के समय उनके पास बेहद कम पैसे थे। शुरुआती दिनों में दोस्तों की मदद से उन्होंने संघर्ष भरा जीवन बिताया। कई बार खाने तक की दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
अपने खर्च निकालने के लिए उन्होंने बैक डांसर के तौर पर भी काम किया। स्टेज शो में डांस करने के बदले उन्हें मामूली रकम मिलती थी।
छोटे कामों से बड़ी पहचान तक
शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने फिल्मों में छोटी-मोटी कास्टिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत और प्रतिभा ने फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान खींचा।
अनुराग कश्यप, इम्तियाज अली और नितेश तिवारी जैसे निर्देशकों ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई।
कई बड़ी फिल्मों से जुड़ा नाम
मुकेश छाबड़ा ने कई चर्चित फिल्मों में कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया। इनमें
- बजरंगी भाईजान
- दंगल
- लाल सिंह चड्ढा
- जवान
- डंकी
जैसी फिल्में शामिल हैं।
उन्होंने दिल बेचारा का निर्देशन भी किया था।
‘रामायण’ को लेकर चर्चा में
इन दिनों मुकेश छाबड़ा फिल्म रामायण की कास्टिंग को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे कलाकार नजर आने वाले हैं।
मुकेश छाबड़ा की कहानी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि लगातार मेहनत और धैर्य से कठिन परिस्थितियों को भी सफलता में बदला जा सकता है।


































