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के2 इंफ्राजेन लिमिटेड ने 26% राजस्व वृद्धि के साथ विकास की रफ्तार को दी मजबूती

गुरुग्राम/लखनऊ: अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर इंजीनियरिंग कंपनी के2 इंफ्राजेन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। बेहतर प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹18,467.61 लाख रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ₹14,661.19 लाख की तुलना में 25.96% अधिक है। वहीं, ऑपरेशनल रेवेन्यू और अन्य आय को मिलाकर कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹18,892.12 लाख पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹14,853.29 लाख के मुकाबले 27.19% की वृद्धि दर्शाती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का EBITDA 33.29% बढ़कर ₹2,707.10 लाख पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2,031.05 लाख था। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाता है। वहीं, एक्सेप्शनल गेन को छोड़कर कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,332.95 लाख रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,164.55 लाख की तुलना में 14.46% अधिक है।

के2 इंफ्राजेन ने डेब्टर डेज़ में भी 15.17% का सुधार दर्ज किया, जो बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी और मजबूत वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी के नेट कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशंस में 60.58% का सुधार हुआ, जबकि कैश और कैश इक्विवेलेंट्स में पिछले वर्ष के मुकाबले 170.51% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह कंपनी की मजबूत लिक्विडिटी और बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹18,892.12 लाख पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹14,853.29 लाख थी। इस दौरान EBITDA 33.29% बढ़कर ₹2,707.10 लाख रहा, जबकि एक्सेप्शनल गेन को छोड़कर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 14.46% बढ़कर ₹1,332.95 लाख दर्ज किया गया। पिछले वित्त वर्ष में PAT ₹1,164.55 लाख था।

कंपनी के प्रदर्शन पर के2 इंफ्राजेन लिमिटेड के फाउंडर ऐंड मैनेजिंग डॉयरेक्टर पंकज शर्मा ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए बेहतरीन रहा। इस दौरान कंपनी की आय में अच्छी बढ़त हुई, कैश फ्लो मजबूत हुआ और अलग-अलग सेक्टर्स में कामकाज बेहतर रहा। मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतर प्रदर्शन की बदौलत कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। ऊर्जा, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे, सड़क और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार नए प्रोजेक्ट मिलने से हमें आने वाले समय में भी अच्छे विकास की उम्मीद है।”

कंपनी देशभर में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार का लगातार विस्तार कर रही है। दिसंबर 2025 से अब तक के2 इंफ्राजेन को ऊर्जा, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ₹411.91 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इसके अलावा कंपनी ने सड़क और रेलवे सेक्टर में करीब ₹580 करोड़ के टेंडर्स के लिए भी बोली लगाई है। हाल ही में कंपनी को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड से ₹56.91 करोड़ के दो बड़े ऑर्डर भी मिले हैं, जिससे पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में कंपनी की पकड़ और मजबूत हुई है।

साल 2015 में स्थापित के2 इंफ्राजेन ने सड़क, रेलवे, पावर ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, सिविल कंस्ट्रक्शन, जल इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में अपनी सेवाएं दे रही है। बेहतर गुणवत्ता, समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने और दीर्घकालिक विकास पर कंपनी लगातार फोकस कर रही है। वित्तीय परिणाम जारी होने के बाद 27 मार्च 2025 तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹6,700.37 लाख दर्ज किया गया।

प्रेस रिलीज़ में दिए गए कुछ बयान कंपनी के भविष्य के कारोबार और संभावित विकास से जुड़े अनुमान हो सकते हैं। वास्तविक नतीजे बाजार की परिस्थितियों और अन्य जोखिमों के चलते इन अनुमानों से अलग हो सकते हैं।

Health News:सोशल मीडिया हेल्थ टिप्स बन सकते हैं खतरा, बिना जांच दवाएं और सलाह मानना पड़ सकता है भारी

आज के दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। अब बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और सलाह भी इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स से लेने लगे हैं। वजन घटाने, डायबिटीज कंट्रोल, बेहतर नींद, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर लाखों लोग ऑनलाइन टिप्स फॉलो कर रहे हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना जांचे-परखे हेल्थ टिप्स और दवाओं को अपनाना गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार सोशल मीडिया पर दी जाने वाली जानकारी वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होती और इससे लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है।


लोग क्यों कर रहे हैं भरोसा?

विशेषज्ञों के मुताबिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स खुद को आम लोगों की तरह पेश करते हैं, जिससे लोग उनसे जल्दी जुड़ाव महसूस करते हैं। कई लोग अपनी बीमारी, वजन घटाने या फिटनेस की कहानी साझा करते हैं, जिसे देखकर दूसरे लोग प्रभावित हो जाते हैं।

रिसर्चर्स का कहना है कि पारंपरिक मेडिकल सिस्टम पर घटते भरोसे के कारण भी लोग इंटरनेट पर मौजूद हेल्थ कंटेंट की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।


हर सलाह आपके लिए सही नहीं

डॉक्टरों का कहना है कि किसी एक व्यक्ति का अनुभव हर किसी के शरीर पर लागू नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई घरेलू नुस्खे, सप्लीमेंट्स और दवाओं के दावे वैज्ञानिक परीक्षणों से साबित नहीं होते।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत हेल्थ जानकारी की वजह से लोग कई बार जरूरी इलाज छोड़ देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने लगते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।


मुनाफे के लिए फैलती है गलत जानकारी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया पर डर या भ्रम फैलाकर अपने प्रोडक्ट्स और कोर्स बेचने की कोशिश करते हैं। कई अकाउंट बिना मेडिकल योग्यता के हेल्थ एक्सपर्ट बनकर सलाह देते हैं।

फर्जी दावों में चमत्कारी इलाज, बिना प्रमाण वाले सप्लीमेंट्स और गंभीर बीमारियों के घरेलू उपचार जैसी बातें शामिल हो सकती हैं।


हेल्थ टिप्स फॉलो करने से पहले क्या करें?

डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी ऑनलाइन हेल्थ टिप को अपनाने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें। ध्यान रखें कि—

  • सलाह देने वाला व्यक्ति मेडिकल प्रोफेशनल है या नहीं
  • जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित है या नहीं
  • कहीं वह किसी प्रोडक्ट का प्रचार करके फायदा तो नहीं कमा रहा
  • किसी भी दवा या इलाज को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें

विशेषज्ञों का कहना है कि सही और भरोसेमंद जानकारी के लिए प्रमाणित मेडिकल संस्थानों और डॉक्टरों की राय को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित तरीका है।

शादी के बाद शाहरुख ने मजाक में गौरी से कहा था- ‘बुर्का पहनो’, पुराना वीडियो फिर वायरल

Shah Rukh Khan और Gauri Khan की प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित लव स्टोरीज़ में गिनी जाती है। अलग-अलग धर्म से होने के बावजूद दोनों ने परिवार की रजामंदी से शादी की और आज भी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय कपल्स में शामिल हैं।

इसी बीच शाहरुख खान का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी शादी के बाद का एक मजेदार किस्सा साझा किया था। इस बातचीत में उन्होंने बताया था कि कैसे उन्होंने रिसेप्शन के दौरान मजाक-मजाक में गौरी से बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए कहा था।


शादी की रस्मों के दौरान क्या बोले थे शाहरुख?

एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान ने बताया था कि उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी और रस्में काफी लंबी चली थीं। इस दौरान वह हर रस्म के बारे में सवाल पूछ रहे थे ताकि किसी को यह न लगे कि वह दूसरे धर्म की परंपराओं को हल्के में ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शादी के बाद रिसेप्शन में कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि क्या शादी के बाद गौरी का धर्म बदला जाएगा या उनका नाम बदला जाएगा। यह बातें सुनने के बाद शाहरुख ने माहौल हल्का करने के लिए मजाक किया।


“गौरी उठो, बुर्का पहनो…”

शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि उन्होंने गौरी से कहा, “चलो बुर्का पहनो, नमाज पढ़ते हैं।” उन्होंने यह भी मजाक किया कि अब गौरी घर से बाहर नहीं जाएंगी और उनका नाम बदल दिया जाएगा।

एक्टर के मुताबिक, उनकी बात सुनकर गौरी के परिवार वाले कुछ पल के लिए हैरान रह गए थे, लेकिन बाद में सभी हंसने लगे। शाहरुख ने साफ किया था कि यह सिर्फ माहौल हल्का करने के लिए किया गया मजाक था।


बेहद खास है दोनों की लव स्टोरी

शाहरुख और गौरी की पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी। बताया जाता है कि उस समय शाहरुख 19 साल के थे, जबकि गौरी 14 साल की थीं। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और करीब सात साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने 25 अक्टूबर 1991 को शादी कर ली।

संघर्ष के दिनों में भी गौरी हमेशा शाहरुख के साथ खड़ी रहीं। यही वजह है कि दोनों की जोड़ी को आज भी बॉलीवुड की सबसे मजबूत और लोकप्रिय जोड़ियों में गिना जाता है।


इन फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं शाहरुख

वर्कफ्रंट की बात करें तो Shah Rukh Khan इन दिनों अपनी फिल्म King को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ Deepika Padukone भी नजर आने वाली हैं। फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।

Sports News:RCB ने गुजरात टाइटंस को हराकर फाइनल में बनाई जगह, IPL इतिहास में पांचवीं बार खेलेंगी खिताबी मुकाबला

Royal Challengers Bengaluru ने आईपीएल 2026 के पहले क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए Gujarat Titans को 92 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ आरसीबी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है।

255 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम दबाव में बिखर गई और 162 रन पर ऑलआउट हो गई। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन ने बेंगलुरु को एकतरफा जीत दिला’


रजत पाटीदार की कप्तानी पारी

RCB की जीत के सबसे बड़े हीरो कप्तान रजत पाटीदार रहे। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन बनाए। उनकी विस्फोटक पारी में 5 चौके और 9 छक्के शामिल रहे।

उनके अलावा विराट कोहली और क्रुणाल पांड्या ने भी अहम योगदान दिया।


गेंदबाजों ने भी दिखाया दम

बड़े स्कोर का बचाव करते हुए आरसीबी के गेंदबाजों ने गुजरात की बल्लेबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद टीम मैच में वापसी नहीं कर सकी।

भुवनेश्वर कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए और पर्पल कैप की रेस में फिर बढ़त बना ली।


पांचवीं बार फाइनल में पहुंची RCB

यह आईपीएल इतिहास में पांचवां मौका है जब RCB फाइनल में पहुंची है। इससे पहले टीम 2009, 2011, 2016 और 2025 में भी फाइनल खेल चुकी है।

सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने वाली टीमों में अब बेंगलुरु तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। उससे आगे केवल Chennai Super Kings और Mumbai Indians हैं।


गुजरात की बल्लेबाजी रही फीकी

गुजरात की ओर से केवल राहुल तेवतिया ही संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने 68 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 29 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके।

अब गुजरात के पास फाइनल में पहुंचने का एक और मौका होगा, जबकि RCB की नजर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने पर टिकी है।

Health Update:मिलावटी खाने का तेल बन रहा ‘साइलेंट किलर’, जानिए कैसे शरीर को पहुंचा रहा गंभीर नुकसान

रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाने के तेल अब लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में बिक रहे कई खाद्य तेलों में मिलावट की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सरसों तेल, रिफाइंड ऑयल और अन्य एडिबल ऑयल में सस्ते रसायन और घटिया तत्व मिलाकर बेचे जा रहे हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक मिलावटी तेल का सेवन करने से लीवर, किडनी, हृदय और इम्यून सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। कई मामलों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।


मिलावटी तेल कैसे पहुंचाता है नुकसान?

विशेषज्ञों के अनुसार नकली सरसों तेल तैयार करने में कई बार खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें बटर येलो डाई जैसे तत्व शामिल होते हैं, जिन्हें कैंसरकारी माना जाता है। इसके अलावा सरसों तेल में आर्जीमोन बीज का तेल भी मिलाया जाता है, जो शरीर के लिए बेहद जहरीला साबित हो सकता है।

ऐसे तेल के लगातार सेवन से शरीर में सूजन, सांस लेने में परेशानी और दिल संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बनाकर गंभीर बीमारियों की ओर धकेल सकता है।


नकली तेल में किन चीजों की मिलावट होती है?

जानकारों के मुताबिक कुछ कारोबारी ज्यादा मुनाफे के लिए सस्ते तेलों और रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें पाम ऑयल, सिंथेटिक रंग, एसेंस और अन्य सस्ते तेल शामिल हो सकते हैं।

तेल को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें कृत्रिम रंग और तेज खुशबू मिलाई जाती है। बार-बार गर्म किए गए तेल में भी जहरीले तत्व बनने लगते हैं, जो शरीर में सूजन और कई गंभीर रोगों का कारण बन सकते हैं।


किन तेलों को लेकर बढ़ रही चिंता?

विशेषज्ञों का कहना है कि पाम ऑयल में सैचुरेटेड फैट अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। वहीं अत्यधिक प्रोसेस किए गए कुछ तेलों में हाई तापमान के कारण हानिकारक तत्व विकसित हो सकते हैं।

हालांकि डॉक्टर सीमित मात्रा में शुद्ध सरसों तेल, घी और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को बेहतर विकल्प मानते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।


घर पर ऐसे पहचानें असली और नकली तेल

विशेषज्ञों ने तेल की शुद्धता जांचने के कुछ आसान घरेलू तरीके बताए हैं—

  • सरसों तेल को फ्रिज में रखने पर अगर नीचे सफेद परत जम जाए तो उसमें पाम ऑयल की मिलावट हो सकती है।
  • हाथ पर तेल रगड़ने पर यदि रंग निकलने लगे तो उसमें सिंथेटिक रंग होने की आशंका रहती है।
  • असली सरसों तेल की गंध तेज होती है और गर्म करने पर हल्की जलन महसूस हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेल खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और गुणवत्ता की जांच जरूर करनी चाहिए, क्योंकि मिलावटी तेल लंबे समय में शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।