फ्रांस के शहर नीस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात चर्चा में रही। दोनों नेताओं ने एक साथ मंच साझा किया और भारत-फ्रांस सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर सकारात्मक संदेश दिया।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीय मुलाकात देखने को मिली। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए, जिनमें दोनों नेता बातचीत करते, अभिवादन करते और साथ समय बिताते नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के बाद सार्वजनिक संदेश में फ्रांस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बताते हुए भविष्य में होने वाली बैठकों और सहयोग को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी आने वाले समय में नए क्षेत्रों तक पहुंच सकती है।
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर साझा की। साझा किए गए वीडियो में दोनों नेताओं के बीच सहज बातचीत और मित्रवत माहौल देखने को मिला, जिसने ऑनलाइन काफी ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के बीच तकनीक, नवाचार और भविष्य के सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और फ्रांस के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा दृष्टिकोण और दीर्घकालिक सहयोग पर आधारित हैं।
नीस में हुई यह मुलाकात आगामी अंतरराष्ट्रीय बैठकों से पहले भी अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की अन्य वैश्विक मंचों पर भी मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है, जहां क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में संचालित “Net Zero 2040” एवं “Environment Warrior” अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण करता दिखाई दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को क्षेत्र में कई सामाजिक, धार्मिक और जनसेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा प्रोत्साहन और समाजसेवा को एक साथ जोड़कर एक सकारात्मक संदेश दिया गया।
धार्मिक स्थलों पर पौध वितरण, मेधावी छात्र का सम्मान, विधायक कार्यालय पर पर्यावरण जागरूकता अभियान तथा लोकबंधु अस्पताल में संचालित माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए पर्यावरण और सेवा का अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया गया।
पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी: डॉ. राजेश्वर सिंह
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना होगा।
उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में चलाए जा रहे “Environment Warrior” अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने और उसके वृक्ष बनने तक संरक्षण का संकल्प दिलाया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण की व्यक्तिगत जिम्मेदारी स्वीकार कर ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य अधूरा है और यही कारण है कि इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिरों में पौध वितरण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Net Zero अभियान के अंतर्गत सरोजनीनगर मंडल के बादे खेड़ा स्थित श्री शीतला माता मंदिर तथा लाला खेड़ा स्थित श्री हनुमान जी मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीम राजेश्वर द्वारा श्रद्धालुओं को पूजन-अर्चन सामग्री के साथ पौधों का वितरण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे धार्मिक आस्था को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण करें। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी पौधरोपण एवं पौध संरक्षण का संकल्प लिया।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों मंदिरों के विकास कार्यों के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह पूर्व में आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर चुके हैं। शीतला माता मंदिर के लिए ₹50,000 तथा हनुमान मंदिर के लिए ₹25,000 की सहायता राशि दी जा चुकी है। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
95.8 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र को लैपटॉप देकर किया सम्मानित
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन के क्षेत्र में भी डॉ. राजेश्वर सिंह लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में हनुमानपुरी निवासी छात्र आयुष कुमार ओझा को हाईस्कूल परीक्षा में 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर विधायक की ओर से लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा और पर्यावरण दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के नीति निर्माता, वैज्ञानिक, पर्यावरण संरक्षक और समाज के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। इसलिए प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विधायक कार्यालय पर भी चला पौध वितरण अभियान
विधायक कार्यालय पर आने वाले नागरिकों को भी पौध वितरित किए गए और उन्हें “Environment Warrior” बनने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को यह संदेश दिया गया कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम, एक पेड़ भविष्य के नाम” अभियान का संदेश देते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई। कार्यक्रम के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित भारत के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई से जरूरतमंदों तक पहुंच रही सेवा
डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई सेवा अभियान भी निरंतर जारी है। शुक्रवार को लोकबंधु अस्पताल एवं प्राग कार्यालय परिसर में मरीजों, उनके परिजनों, राहगीरों तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
यह सेवा अभियान प्रतिदिन संचालित किया जाता है और बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के लिए राहत का माध्यम बना हुआ है जो आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकता से जूझते हैं।
सेवा कार्य में मंडल महामंत्री नीरज शाह, श्याम त्रिपाठी तथा भाजपा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
Net Zero 2040 अभियान के माध्यम से हरित और टिकाऊ भविष्य की तैयारी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “सेवा, संस्कार और सतत विकास” किसी भी विकसित समाज की पहचान होते हैं। उन्होंने बताया कि Net Zero 2040 अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की ऐसी संस्कृति विकसित करना है जिसमें समाज का प्रत्येक व्यक्ति सहभागी बने।
उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” तथा “एक पेड़ माँ के नाम, एक पेड़ भविष्य के नाम” जैसे संदेशों के माध्यम से टीम राजेश्वर समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के अभियानों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल ‘3 इडियट्स’ को रिलीज हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यह फिल्म दर्शकों के बीच खास जगह रखती है। अब फिल्म के दूसरे भाग को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है, जिसने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है।
फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने संकेत दिए हैं कि वे लेखक के साथ मिलकर ‘3 इडियट्स’ के अगले भाग की कहानी पर काम कर रहे हैं। हालांकि फिल्म अभी शुरुआती विकास चरण में बताई जा रही है और स्क्रिप्ट पर काफी काम बाकी है।
निर्देशक के अनुसार, नई कहानी कॉलेज लाइफ पर आधारित नहीं होगी। इस बार कहानी उन किरदारों के जीवन के अगले पड़ाव पर फोकस कर सकती है। फिल्म में यह दिखाने की योजना है कि कई साल बाद फरहान, रेंचो और राजू अपनी जिंदगी में कहां पहुंचे, उनके करियर, परिवार और निजी जीवन में क्या बदलाव आए।
संभावना जताई जा रही है कि फिल्म में किरदारों को जीवन के ऐसे दौर में दिखाया जा सकता है, जहां वे जिम्मेदारियों, परिवार और बदलती प्राथमिकताओं के बीच नए सवालों का सामना कर रहे हों। कहानी में दोस्ती के साथ-साथ उम्र और जीवन के अनुभवों को भी प्रमुखता दी जा सकती है।
मूल फिल्म में तीन दोस्तों की कहानी दिखाई गई थी, जो कॉलेज के दौरान एक-दूसरे के करीब आते हैं और जीवन को देखने का उनका नजरिया बदल जाता है। फिल्म को उसके संदेश, भावनात्मक जुड़ाव और मनोरंजन के लिए काफी सराहना मिली थी।
अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि यदि सीक्वल बनता है तो मेकर्स पुराने किरदारों की कहानी को किस नए अंदाज में आगे बढ़ाते हैं और क्या वह पहले भाग जैसा प्रभाव छोड़ पाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौते के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में नए बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना, समुद्री व्यापार को सामान्य करना और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाना बताया जा रहा है। शुरुआती संकेतों के अनुसार ईरान को सीमित स्तर पर तेल निर्यात दोबारा शुरू करने की छूट मिल सकती है। (ध्यान दें: सभी प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, बल्कि कुछ क्षेत्रों में राहत और छूट की प्रक्रिया चर्चा में है।)
इसी बीच भारत में ईरान के राजनयिक प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि यदि परिस्थितियां सामान्य होती हैं और प्रतिबंधों में और ढील मिलती है, तो ईरान फिर से भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों के साथ व्यापार बढ़ाने का इच्छुक है।
ईरान लंबे समय से दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल रहा है और पहले भी भारत उसके महत्वपूर्ण खरीदारों में रहा है। ऐसे में यदि तेल व्यापार सामान्य होता है, तो भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों में विविधता बढ़ाने का विकल्प खुल सकता है। हालांकि यह पूरी तरह भविष्य की नीतियों, भुगतान व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर निर्भर करेगा।
वर्तमान में चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार माना जाता है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग पहले से मजबूत रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंधों में राहत मिलने पर चीन सबसे पहले अपनी आयात क्षमता को स्थिर कर सकता है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार यदि समुद्री मार्ग पूरी तरह सामान्य होते हैं और तेल आपूर्ति बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति अमेरिका–ईरान वार्ता के अगले चरण और लागू होने वाली शर्तों पर निर्भर करेगी।
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स हाल के दिनों में टीम से बाहर रहने के बाद अब मैदान पर वापसी की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच उनके अगले क्रिकेट कार्यक्रम को लेकर नई जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि स्टोक्स को आगामी काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले के लिए डरहम टीम के स्क्वॉड में शामिल किया गया है। यह मुकाबला नॉर्थहैम्पटनशायर के खिलाफ खेला जाएगा और स्टोक्स के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का मौका बन सकता है।
हालिया घटनाक्रम के चलते स्टोक्स इंग्लैंड की टेस्ट टीम के दूसरे मुकाबले का हिस्सा नहीं बन सके थे। उनकी गैरमौजूदगी में टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी जो रूट संभाल रहे हैं। इससे पहले भी रूट लंबे समय तक इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नेतृत्व कर चुके हैं।
डरहम के लिए यह इस सीजन में स्टोक्स का तीसरा संभावित मुकाबला हो सकता है। माना जा रहा है कि यह मैच उनकी फिटनेस, लय और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी के लिहाज से अहम रहेगा।
स्टोक्स लंबे समय से इंग्लैंड क्रिकेट के प्रमुख खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में टीम के लिए अहम योगदान दिया है और कई यादगार पारियां व मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि घरेलू क्रिकेट में वापसी के बाद वह दोबारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कब और किस भूमिका में दिखाई देते हैं।