महाराष्ट्र की सह्याद्री पर्वतमाला के बीच स्थित लोहगढ़ किला इतिहास, प्रकृति और एडवेंचर का शानदार मेल माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3,389 फीट की ऊंचाई पर बना यह किला अपनी मजबूत संरचना के कारण ‘आयरन फोर्ट’ के नाम से भी जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां की हरियाली और बादलों से घिरे नजारे इसे पर्यटकों और ट्रैकर्स की पसंदीदा जगह बना देते हैं।
इतिहास की कई परतें समेटे लोहगढ़
लोहगढ़ किले का इतिहास कई शासकों और राजवंशों से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ इस क्षेत्र पर विभिन्न राजवंशों का प्रभाव रहा। मराठा शासन के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसकी रणनीतिक अहमियत को समझते हुए इसे महत्वपूर्ण सैन्य और प्रशासनिक केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया। बाद के दौर में पेशवा काल में भी इस किले का महत्व बना रहा।
जैन धर्म से जुड़ा ऐतिहासिक संकेत
साल 2019 में यहां की एक गुफा में प्राचीन ब्राह्मी लिपि से जुड़ा शिलालेख मिलने की जानकारी सामने आई थी। इससे इतिहासकारों ने संकेत दिया कि प्राचीन समय में इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी रहा हो सकता है।
वास्तुकला और खास आकर्षण
किले की संरचना इसकी सबसे बड़ी खूबी है। यहां पहुंचने पर कई ऐतिहासिक प्रवेश द्वार देखने को मिलते हैं, जिनकी बनावट पुराने दौर की इंजीनियरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाती है।
इस किले का सबसे लोकप्रिय हिस्सा ‘विंचू कड़ा’ है, जिसका आकार बिच्छू की पूंछ जैसा दिखाई देता है। यहां से आसपास की घाटियों और पहाड़ियों का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है और फोटोग्राफी के लिए भी यह पसंदीदा स्थान है।
ट्रैकिंग का अनुभव कैसा है?
लोहगढ़ ट्रैक को शुरुआती और सामान्य ट्रैकर्स के लिए भी अच्छा माना जाता है। ट्रैक का लोकप्रिय मार्ग मलावली रेलवे स्टेशन के आसपास से शुरू होता है। रास्ते में प्राकृतिक दृश्य और ऐतिहासिक स्थल यात्रा को और रोचक बनाते हैं।
जो लोग कम पैदल चलना चाहते हैं, वे सड़क मार्ग से लोहगढ़वाड़ी गांव तक पहुंचकर वहां से किले की ओर जा सकते हैं।
घूमने का सही समय
अक्टूबर से मार्च के बीच का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे आरामदायक माना जाता है। वहीं मानसून में किला हरियाली और झरनों से घिर जाता है, हालांकि इस समय रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है।
कैसे पहुंचें?
लोहगढ़ किला पुणे और मुंबई दोनों शहरों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। नजदीकी रेलवे स्टेशन मलावली है, जबकि हवाई यात्रा के लिए पुणे और मुंबई के एयरपोर्ट सुविधाजनक विकल्प हैं। वहां से टैक्सी या स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
अगर आप इतिहास, प्रकृति और हल्के रोमांच का अनुभव एक साथ लेना चाहते हैं, तो लोहगढ़ किला आपकी यात्रा सूची में शामिल किया जा सकता है।


































