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सरोजनीनगर से शुरू हुई डिजिटल शिक्षा की पहल अब गांव-गांव तक पहुंची : 223 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार प्रस्तावित ; विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद

लखनऊ | 8 सितंबर 2026 : सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2022 में शुरू की गई डिजिटल शिक्षा और डिजिटल लाइब्रेरी की पहल अब व्यापक स्तर पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही है। सरोजनीनगर विधायक ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर तक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा पहुंचाने की पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में वर्ष 2022 में शुरू की गई डिजिटल शिक्षा की परिकल्पना को आज प्रदेश के गांवों तक विस्तार मिलता देखना अत्यंत संतोषजनक है।

25 जुलाई 2022 को शुरू हुआ था डिजिटल शिक्षा अभियान

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार, सरोजनीनगर में 25 जुलाई 2022 को ‘डिजिटल शिक्षा अभियान’ की शुरुआत की गई थी। इस अभियान के तहत क्षेत्र के 37 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 450 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए।

इस पहल से 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा संसाधनों का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही सरोजनीनगर क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए।

113 ग्राम पंचायतों में पहुंचीं किताबें और फर्नीचर

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार अब डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में 113 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी के लिए किताबें और फर्नीचर पहुंच चुके हैं, जबकि अगले चरण में आईटी उपकरण उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है। डिजिटल लाइब्रेरी विकास योजना के तहत कुल 223 ग्राम पंचायतों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेंगे आधुनिक अध्ययन संसाधन

उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल पुस्तकों तक सीमित सुविधा नहीं होगी, बल्कि यह ग्रामीण विद्यार्थियों को ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल संसाधनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से भी जोड़ेगी।

इससे छात्रों को गांवों में ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा और उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संसाधनों के लिए शहरों पर उनकी निर्भरता कम हो सकेगी।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में वर्ष 2022 में जिस डिजिटल शिक्षा की परिकल्पना को जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ाया गया था, आज उसे उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचते देखना संतोष का विषय है।

उन्होंने इस पहल को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और सरकार के प्रयासों से आधुनिक शिक्षा के संसाधन अब ग्रामीण विद्यार्थियों के और करीब पहुंच रहे हैं।

शिक्षा, तकनीक और नवाचार में नए मानदंड स्थापित कर रहा उत्तर प्रदेश

विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित कर रहा है। ग्राम पंचायतों तक डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार ग्रामीण युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गांवों के विद्यार्थी अब किताबों के साथ-साथ तकनीक, ऑनलाइन शिक्षा और आधुनिक अध्ययन संसाधनों तक भी आसान पहुंच बना सकेंगे।

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