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सिंगापुर में भारतीय कारोबारी पर दिवालियापन की कार्रवाई, 407 कर्मचारियों की सैलरी फंसी

सिंगापुर में एक भारतीय मूल के कारोबारी को दिवालिया घोषित किए जाने का मामला सामने आया है। कारोबारी की कई कंपनियों में काम करने वाले 400 से अधिक प्रवासी कर्मचारियों की मजदूरी बकाया होने की शिकायतें सामने आई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, रामू पलानी वेलु के खिलाफ 13 अगस्त को दिवालियापन का आदेश जारी किया गया।

रामू सिंगापुर के स्थायी निवासी बताए जाते हैं और कई कंपनियों में निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं। उनकी कंपनियां एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और बिल्डिंग सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं। इनमें KPA Engineering, SK Industries और VVR Plant Engineering जैसी कंपनियां शामिल हैं।

कुल 407 कर्मचारियों की ओर से बकाप्राइवेट पार्ट और पर्सनल हाइजीन का रखें खास ख्याल, इन बातों को न करें नजरअंदाज

** Personal Hygiene Tips:** जब ग्रूमिंग या स्किन केयर की बात आती है तो हम सभी ही अपनी ग्रूमिंग और चेहरे के लिए काफी पैसा खर्च करते हैं और कई प्रकार के प्रोडक्ट्स का भी उपयोग करते हैं पर जितना जरूरी मानते हैं और अपनी स्किन के बाकी हिस्सों का ध्यान रखते हैं उतना ही जरूरी है कि प्राइवेट पार्ट/ पर्सनल हाइजीन का भी ख्याल रखा जाए क्योंकि इससे पसीना, गंदगी और बैक्टीरिया जमा होने से रोक सकते हैं.

पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना क्यों है जरूरी?

पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना सेहत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि सही देखभाल न करने से इन्फेक्शन, जलन, बदबू और कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है. खासकर महिलाओं में गलत सफाई के तरीकों, जैसे वजाइनल डूशिंग या केमिकल वाले साबुन के इस्तेमाल करने से प्राकृतिक पीएच संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे बार-बार इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है.

वहीं, पुरुषों में अगर फोरस्किन के नीचे सफाई न हो तो वहां गंदगी जमा होकर संक्रमण की वजह बन जाती है. इसके अलावा सही हाइजीन न रखने से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो दर्दनाक होने के साथ-साथ बार-बार हो सकती हैं यह शुरुआत में तो छोटी पर बार बार होने पर बड़ी समस्या का कारण बन जाती है.

प्राइवेट पार्ट और पर्सनल हाइजीन कैसे रखें ध्यान?

महिलाओं को केवल बाहरी सफाई की जरूरत है. हाइजीन का ध्यान रखने के लिए उन्हें सिर्फ वल्वा यानी बाहरी हिस्से को गुनगुने पानी या हल्के बिना खुशबू वाले साबुन से साफ करना चाहिए और अगर आप टिशू पप्पर का उपयोग करती है तो टॉयलेट के बाद हमेशा आगे से पीछे की ओर पोंछना चाहिए. वहीं, पीरियड्स में पैड हर 4-6 घंटे में और टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप निर्देशों के अनुसार बदलें, जिससे आपको किसी प्रकार के इन्फेक्शन का खतरा न हो.

वहीं, पुरुषों को भी रोजाना प्राइवेट पार्ट धोना चाहिए और फोरस्किन को धीरे से पीछे करके अंदर का हिस्सा साफ करने के बाद अच्छी तरह सुखाना चाहिए. दोनों को ही सूती अंडरवियर पहनना और रोजाना बदलना चाहिए, वर्कआउट या तैराकी के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहिए, उससे रेसेज व अन्य बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है और शारीरिक संबंध के बाद पेशाब करना भी जरूरी है. यह यूटीआई से बचाव में मददगार साबित होता है. अगर फिर भी कोई असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

या वेतन को लेकर दावे किए गए हैं। इनमें भारतीय नागरिकों समेत दूसरे देशों के प्रवासी कामगार भी शामिल हैं। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो महीने से अधिक समय तक वेतन नहीं मिला।

2025 में सामने आया था वेतन विवाद

मामला 2025 में उस समय सामने आया, जब KPA Engineering के पांच कर्मचारियों ने अपनी बकाया सैलरी को लेकर Tripartite Alliance for Dispute Management से संपर्क किया।

इन शुरुआती मामलों को कुछ ही समय में सुलझा लिया गया और संबंधित कर्मचारियों को उनका भुगतान मिल गया। लेकिन इसके बाद मई और जून में कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई।

इसके बाद कर्मचारियों की संख्या बढ़ती गई और मामला प्रशासन के सामने गंभीर रूप से उठने लगा।

100 से ज्यादा कर्मचारी मंत्रालय के कार्यालय पहुंचे

22 जून को 100 से ज्यादा कर्मचारी अपनी शिकायत लेकर सिंगापुर के Ministry of Manpower (MOM) के बेंडमीर स्थित कार्यालय पहुंचे।

इस समय तक अधिकारियों को कंपनी के कर्मचारियों से जुड़े वेतन विवाद और नौकरी समाप्त किए जाने से संबंधित मामलों की जानकारी मिल चुकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जून को नौकरी से हटाए जाने के नोटिस से प्रभावित कर्मचारियों के भुगतान संबंधी दावों पर भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

बड़ी संख्या में कर्मचारियों के MOM पहुंचने से पहले ही अधिकारी कंपनी के निदेशकों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।

कारोबारी ने खुद दिवालियापन के लिए किया आवेदन

वेतन विवाद बढ़ने के दौरान रामू पलानी वेलु के सिंगापुर से बाहर होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि वह 26 जून को वापस सिंगापुर लौटे और बाद में मंत्रालय की जांच में सहयोग करने लगे।

सिंगापुर के कानून मंत्रालय के Insolvency Office के रिकॉर्ड के अनुसार, रामू ने 9 जुलाई को खुद दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 13 अगस्त को उनके खिलाफ दिवालियापन आदेश जारी किया गया।

वेतन न देने पर हो सकती है सजा

सिंगापुर में कर्मचारियों को वेतन नहीं देना गंभीर श्रम उल्लंघन माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, दोष साबित होने पर नियोक्ता को प्रत्येक आरोप के लिए 3,000 से 15,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना और छह महीने तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सिंगापुर में प्रवासी कामगारों के वेतन और रोजगार अधिकारों को लेकर नियमों के पालन पर लगातार जोर दिया जाता है।

फिलहाल मामले में बकाया वेतन के दावों, कंपनियों की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों को भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

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