पर्सनल हाइजीन का मतलब सिर्फ चेहरे, बालों या शरीर की सामान्य सफाई तक सीमित नहीं है। शरीर के संवेदनशील हिस्सों की साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है। प्राइवेट पार्ट में पसीना और नमी ज्यादा समय तक बनी रहने पर असहजता, जलन, बदबू और कुछ संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए रोजमर्रा की स्वच्छता में निजी अंगों की उचित देखभाल को भी शामिल करना चाहिए। हालांकि, जरूरत से ज्यादा सफाई या तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी नुकसान पहुंचा सकता है।
महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
महिलाओं के लिए सामान्य तौर पर बाहरी हिस्से यानी वल्वा की सफाई पर्याप्त होती है। इसे साफ करने के लिए सामान्य पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि साबुन इस्तेमाल करना हो तो हल्का और बिना खुशबू वाला उत्पाद बेहतर विकल्प हो सकता है।
वेजाइनल डूशिंग या अंदरूनी हिस्से को बार-बार केमिकल वाले प्रोडक्ट से साफ करने से बचना चाहिए। इससे प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है और जलन या संक्रमण की समस्या पैदा हो सकती है।
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद सफाई करते समय आगे से पीछे की ओर पोंछना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
पीरियड्स के दौरान सफाई और भी जरूरी
मासिक धर्म के दौरान हाइजीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पैड को लंबे समय तक न पहनें और उसे इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद के निर्देशों तथा जरूरत के अनुसार समय पर बदलें।
टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करते समय निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों और अधिकतम उपयोग अवधि का पालन करना जरूरी है।
पुरुष भी इन बातों को न करें नजरअंदाज
पुरुषों को भी रोजाना प्राइवेट पार्ट की सामान्य सफाई करनी चाहिए। जिन पुरुषों में फोरस्किन होती है, उन्हें उसे धीरे से पीछे करके नीचे के हिस्से को पानी से साफ करना चाहिए और बाद में अच्छी तरह सुखाना चाहिए।
सफाई के दौरान बहुत ज्यादा रगड़ने या तेज केमिकल वाले उत्पादों का इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन हो सकती है।
अंडरवियर और कपड़ों की सफाई पर ध्यान दें
पर्सनल हाइजीन में कपड़ों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। रोजाना साफ अंडरवियर पहनना चाहिए और पसीना आने के बाद कपड़े बदल लेना बेहतर है।
व्यायाम या तैराकी के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर न रहें। लगातार नमी और गर्म वातावरण त्वचा में जलन और दूसरी समस्याओं का कारण बन सकता है।
आरामदायक और हवा आने-जाने वाले कपड़े पहनना भी उपयोगी हो सकता है।
सेक्स के बाद भी रखें स्वच्छता का ध्यान
यौन संबंध के बाद पेशाब करना कुछ लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही दोनों पार्टनर अपनी सामान्य व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें।
अगर बार-बार जलन, खुजली, असामान्य डिस्चार्ज, तेज बदबू, घाव, दर्द या पेशाब करते समय जलन जैसी समस्या हो रही है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। ऐसे लक्षणों के पीछे संक्रमण या दूसरी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प न मानें। लगातार या असामान्य लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।


































