गॉल। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन भी बारिश ने मुकाबले का मजा किरकिरा किया। बारिश के कारण शुरुआती करीब डेढ़ सेशन का खेल नहीं हो सका। इसके बाद दिन में केवल 43 ओवर का खेल संभव हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 172 रन जोड़े।
दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम दूसरे दिन ही ऑलआउट हो जाएगी, लेकिन कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने आखिरी विकेट के लिए उपयोगी रन जोड़कर टीम को संभाल लिया।
स्टंप्स के समय कुलदीप यादव 13 गेंदों में 12 रन और प्रसिद्ध कृष्णा 4 गेंदों में 1 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने 4 विकेट लिए, जबकि केशरा नुवांथा को 3 सफलताएं मिलीं।
देवदत्त पडिक्कल ने खेली यादगार पारी
भारत के लिए दूसरे दिन सबसे बड़ी उपलब्धि देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक रहा। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने 230 गेंदों में 167 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा।
इसके साथ ही पडिक्कल 21वीं सदी में भारत की ओर से नंबर-3 पर टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बने। श्रीलंका के खिलाफ नंबर-3 पर किसी भारतीय बल्लेबाज का यह दूसरा सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर भी बताया जा रहा है।
पडिक्कल ने अपनी लंबी पारी के दौरान श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
शतक से फिर चूके केएल राहुल
पहले दिन मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल ने दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी की। हालांकि, वह अपना शतक पूरा नहीं कर सके।
राहुल ने 175 गेंदों में 82 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा। शतक के करीब पहुंचने के बाद वह पवेलियन लौट गए।
ध्रुव जुरेल ने भी लगाया अर्धशतक
भारत के लिए ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी पारी खेली। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जुरेल ने 68 गेंदों में 51 रन बनाए। उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया।
इसके बाद रवींद्र जडेजा बड़ी पारी नहीं खेल सके और 25 गेंदों में 13 रन बनाकर आउट हो गए। मानव सुथार ने 43 गेंदों में 24 रन बनाए, जिसमें दो चौके शामिल थे।
मोहम्मद सिराज ने भी बल्ले से योगदान दिया और एक शानदार छक्का लगाया। हालांकि, वह 15 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हो गए।
आखिरी जोड़ी ने भारत को ऑलआउट होने से बचाया
दिन के आखिरी चरण में भारत के 9 विकेट गिर चुके थे और टीम के ऑलआउट होने का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे समय में कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की।
दोनों ने 17 गेंदों में 13 रनों की साझेदारी की और दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ऑलआउट होने से बचा लिया।
अब तीसरे दिन भारतीय टीम की कोशिश बाकी एक विकेट के साथ स्कोर को और आगे बढ़ाने की होगी, जबकि श्रीलंका जल्द से जल्द आखिरी विकेट लेकर भारत की पारी समाप्त करना चाहेगा।


































