कोलंबिया। देश में आए भीषण भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक करीब 294 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि लगभग 4,000 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
इस त्रासदी के बीच परेरा शहर से एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। यहां 32 वर्षीय डेनिएला लार्गो करीब 37 घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। मंगलवार को बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। उस समय मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर खुशी जताई थी।
रेस्क्यू के बाद डेनिएला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण शुक्रवार, 14 अगस्त को उनकी मौत हो गई। उनके निधन से परिवार और राहतकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। डेनिएला अपने पीछे 12 साल के बेटे को छोड़ गई हैं।
मलबे से बाहर निकलते ही लोगों ने बजाई थीं तालियां
डेनिएला लार्गो के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। वह लंबे समय तक इमारत के मलबे के नीचे फंसी रही थीं। करीब 37 घंटे बाद जब बचावकर्मी उन्हें बाहर निकालने में सफल हुए तो वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की।
आपदा के बीच डेनिएला का जिंदा बचना स्थानीय लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गया था। हालांकि, गंभीर चोटों के चलते कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई।
मां ने कहा- बस यह सब जल्द खत्म हो जाए
डेनिएला की मां सैंड्रा मिलेना पेरेज ने अपनी बेटी की मौत के बाद दुख जताते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि यह मुश्किल समय जल्द खत्म हो। परिवार के लिए डेनिएला की मौत ने पहले से जारी त्रासदी को और गहरा कर दिया है।
सैकड़ों लापता लोगों की तलाश जारी
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, बचाव दल अभी भी 300 से ज्यादा लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में भारी मशीनों की मदद से इमारतों की छतों और दीवारों का मलबा हटाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, देशभर में दर्जनों इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों को भी क्षति पहुंची है।
कई इलाकों में रेड अलर्ट
भूकंप के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। कई एयरपोर्ट पर संचालन प्रभावित हुआ है और पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
राष्ट्रपति ने आपातकालीन समिति की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को तलाशना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है।


































