पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में वह कथित तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
वीडियो में शेख रशीद कथित तौर पर खुद को हाफिज सईद का समर्थक और फॉलोअर बताते हैं। वह यह भी दावा करते हुए नजर आते हैं कि अमेरिका से उन्हें इसलिए वापस भेजा गया था क्योंकि उनके मोबाइल फोन में हाफिज सईद का नंबर मिला था।
शेख रशीद और हाफिज सईद के बीच कथित संपर्क का मुद्दा पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2012 में शेख रशीद को अमेरिका के एक एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए पूछताछ के लिए रोके जाने की खबरें आई थीं। उस समय मीडिया रिपोर्टों में उनके लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद से संभावित संबंधों का भी उल्लेख किया गया था।
भारत के खिलाफ भी नजर आई आक्रामक बयानबाजी
वायरल वीडियो में शेख रशीद भारत को लेकर भी आक्रामक बयान देते नजर आते हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ लड़ने वाले आतंकियों की तारीफ की और कथित तौर पर चेतावनी दी कि अगर भारत पाकिस्तान की ओर देखता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
वीडियो में भारत के बिड़ला मंदिर का भी उल्लेख किया गया है। उनके साथ कुछ ऐसे लोग भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके बारे में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान और संगठन से उनके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शेख रशीद पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहे हैं और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती रही है। भारत को लेकर अपने विवादित बयानों के कारण भी वह पहले कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं।
कौन है हाफिज सईद?
हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। उसे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल माना जाता है। लश्कर-ए-तैयबा पर भारत में कई आतंकी घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
हाफिज सईद को आतंकी गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान में उसे आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों में अदालतों से सजा मिल चुकी है और वह लंबी जेल की सजा काट रहा है।
हालांकि, शेख रशीद का वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति, आतंकवाद और भारत विरोधी बयानबाजी के बीच संबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है। वीडियो की तारीख, स्थान और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।


































