
लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन की दिशा में कार्यरत सामाजिक संस्था लोक भारती ने रविवार को कुकरेल नदी के तट पर अनूठा ‘फल खाओ, पेड़ लगाओ’ अभियान चलाया। इंदिरा नगर के लवकुश नगर स्थित कुकरेल नदी के बाएं किनारे पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 55 लोगों ने भाग लेकर आम, जामुन, कटहल समेत विभिन्न फलों की गुठलियां नदी किनारे रोपित कीं और कुकरेल को हराभरा बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी नदी का तटबंध तभी लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत रह सकता है, जब उसके किनारों पर पर्याप्त वृक्षारोपण और हरित आवरण हो। गोमती की सहायक नदी कुकरेल, जिसका उद्गम अस्ति गांव के एक कुएं से माना जाता है, वर्षों तक उपेक्षा के कारण नाले जैसी स्थिति में पहुंच गई थी। हालांकि पिछले वर्ष नदी के दोनों तटबंधों का सुधार किया गया, लेकिन अधिकांश हिस्सों में अब भी वृक्षों का अभाव है।

लोक भारती पिछले वर्ष से नदी किनारों पर प्राकृतिक तरीके से हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से ‘फल खाओ, पेड़ लगाओ’ अभियान चला रही है। इस पहल के तहत फलों की गुठलियां रोपित कर भविष्य में वृक्ष तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर बृजेन्द्र पाल सिंह (राष्ट्रीय संगठन मंत्री), डॉ. पार्थ प्रतिम (राष्ट्रीय सचिव), गोपाल उपाध्याय (संगठन सचिव), डॉ. देवज्योति, प्राची श्रीवास्तव, सोनिया टंडन, आशुतोष सहित कई दर्जन युवाओं ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने कुकरेल नदी के तटों को घना और हराभरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और नदी बचाने के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प व्यक्त किया।


































