
लखनऊ, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी अहम भूमिका निभाएगा। विभाग ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं परियोजनाओं पर करीब एक लाख पौधे लगाएगा। इस अभियान के जरिए पर्यटन स्थलों को हरित स्वरूप देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य ने सभी क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालयों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में महानिदेशक पर्यटन , विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, निदेशक (ईको टूरिज्म) पुष्प कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटन स्थलों से जाएगा हरियाली का संदेश
बैठक में अमृत अभिजात ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधरोपण अभियान को केवल औपचारिकता न मानते हुए इसे पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण और हरित विरासत के स्थायी संकल्प के रूप में लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पर्यटन परियोजनाओं में निर्धारित समय के भीतर व्यापक स्तर पर पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए और इसकी उच्चस्तरीय निगरानी भी की जाएगी।
विकसित होंगी थीम आधारित हरित वाटिकाएं
पर्यटन विभाग ने इस बार पौधरोपण को विशेष स्वरूप देने की तैयारी की है। पर्यटन स्थलों पर पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, शीशम, जामुन, आम, महुआ, बेल और आंवला जैसी स्थानीय एवं पर्यावरण अनुकूल प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
जहां लैंडस्केपिंग का कार्य प्रस्तावित है, वहां नक्षत्र वाटिका, त्रिवेणी वाटिका, हरिशंकरी वाटिका, पंचवटी और नवग्रह वाटिका जैसी थीम आधारित हरित वाटिकाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और आकर्षण में वृद्धि होगी।
क्षेत्रीय कार्यालयों को सौंपे गए लक्ष्य
महानिदेशक पर्यटन डॉ. वेदपति मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी), यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश जल निगम और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं को अलग-अलग लक्ष्य सौंपे गए हैं।
क्षेत्रवार लक्ष्य के अनुसार:
- लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में 10-10 हजार पौधे
- अयोध्या में 8 हजार
- बरेली तथा चित्रकूट-झांसी में 5-5 हजार
- आगरा और प्रयागराज में 4-4 हजार
- मेरठ में 3 हजार
- अलीगढ़ और बस्ती में 2-2 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
जियो-टैगिंग होगी अनिवार्य
अभियान के लिए पौधे वन विभाग उपलब्ध कराएगा। सभी पर्यटन परियोजना स्थलों पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण कराया जाएगा। प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो-टैग फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य होगा। 12 जुलाई को अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ऑनलाइन समीक्षा कर अभियान की प्रगति का आकलन करेंगे।
हरित पर्यटन की दिशा में यह पहल उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


































