अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने मेल-इन बैलेट को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बहुमत के आधार पर कहा कि जिन राज्यों के कानून इसकी अनुमति देते हैं, वहां चुनाव दिवस तक वैध रूप से पोस्टमार्क किए गए मेल-इन बैलेट चुनाव के बाद प्राप्त होने पर भी मतगणना में शामिल किए जा सकते हैं।
यह फैसला एक चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आया। अदालत के बहुमत वाले मत में कहा गया कि संघीय कानून के तहत हर स्थिति में यह आवश्यक नहीं है कि डाक मतपत्र चुनाव दिवस तक चुनाव अधिकारियों के पास पहुंच जाए, बशर्ते संबंधित राज्य का कानून अलग व्यवस्था देता हो।
फैसले के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीश रहे, जबकि चार न्यायाधीशों ने अलग राय व्यक्त की। इस निर्णय के बाद अमेरिका में डाक मतपत्रों की प्रक्रिया और चुनावी नियमों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सार्वजनिक रूप से इस निर्णय पर असहमति जताई और इसे चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने चुनावी नियमों में बदलाव से जुड़े प्रस्तावों पर भी अपनी राय रखी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन राज्यों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जहां मेल-इन वोटिंग चुनाव प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा है। हालांकि अंतिम प्रक्रिया अब भी संबंधित राज्यों के चुनावी कानूनों के अनुसार तय होगी।


































