
लखनऊ। आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में संभावित जलभराव की समस्या के स्थायी एवं प्रभावी समाधान के लिए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को पत्र लिखकर आवश्यक तैयारियां समय रहते सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से लाखों नागरिक प्रभावित होते हैं, इसलिए वर्षा प्रारंभ होने से पहले सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना के साथ सक्रिय होना चाहिए।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि लखनऊ के अनेक क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, यातायात प्रभावित होता है, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों तथा दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को असुविधा झेलनी पड़ती है। कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने और शहरी अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में आवश्यक है कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व ही जलभराव की संभावित समस्याओं का आकलन कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में विशेष रूप से अनुरोध किया है कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लंबित नालों और जल निकासी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। इसके साथ ही बड़े एवं छोटे सभी नालों की व्यापक सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के निकासी व्यवस्था तक पहुंच सके और शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। पूर्व वर्षों में जिन क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई थी, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पम्पिंग सेट उपलब्ध कराए जाएं तथा उनकी कार्यशीलता की नियमित जांच भी की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जल निकासी की जा सके।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि मानसून अवधि के दौरान एक प्रभावी दैनिक निगरानी एवं समीक्षा तंत्र विकसित किया जाए, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इससे किसी भी क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली समस्या का तत्काल समाधान संभव होगा।
उन्होंने कहा कि जलभराव केवल एक मौसमी चुनौती नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। यदि समय रहते समुचित तैयारी कर ली जाए तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और नागरिकों को राहत प्रदान की जा सकती है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाएगी तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देकर राजधानी लखनऊ को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने का प्रभावी प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि समन्वित योजना, नियमित निगरानी और प्रशासनिक तत्परता के माध्यम से लखनऊवासियों को वर्षा ऋतु के दौरान बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं तथा शहर को जलभराव जैसी समस्याओं से काफी हद तक मुक्त बनाया जा सकता है।


































