ओमान तट के पास भारतीय कमर्शियल जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद भारत ने अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर आधिकारिक विरोध पत्र (Demarche) जारी किया है।
यह कदम भारत की ओर से गंभीर चिंता और नाराजगी को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि यह मामला सिर्फ एक सुरक्षा घटना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है
24 भारतीय क्रू सदस्य थे सवार, 3 अब भी लापता
जानकारी के अनुसार, जिस जहाज पर हमला हुआ उसमें कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
ओमान प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है, जबकि भारत का दूतावास भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत ने जताई गंभीर चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की है।
भारत ने यह भी दोहराया कि इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर वाणिज्यिक शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।
कूटनीतिक समाधान पर जोर
भारत ने स्पष्ट किया है कि इस मामले का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि सभी संबंधित पक्ष मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में काम करेंगे।


































