निमोनिया फेफड़ों से जुड़ा एक गंभीर संक्रमण है, जो बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे बचाव के लिए डॉक्टर अक्सर न्यूमोकोकल वैक्सीन (Pneumococcal Vaccine) लगवाने की सलाह देते हैं। यह वैक्सीन उन बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करती है जो निमोनिया के अलावा कान, साइनस और रक्त संक्रमण जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
क्या है निमोनिया वैक्सीन?
न्यूमोकोकल वैक्सीन शरीर को स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए नामक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है। यह वैक्सीन संक्रमण के खतरे को कम करने के साथ-साथ बीमारी की गंभीरता को भी घटा सकती है।
कौन-कौन से वैक्सीन उपलब्ध हैं?
निमोनिया से बचाव के लिए मुख्य रूप से दो प्रकार के वैक्सीन उपयोग में लाए जाते हैं:
- न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV)
- न्यूमोकोकल पॉलीसैकराइड वैक्सीन (PPSV)
किस व्यक्ति को कौन-सा वैक्सीन दिया जाएगा, यह उसकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
किन लोगों को जरूर लगवानी चाहिए यह वैक्सीन?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न लोगों को निमोनिया वैक्सीन पर विचार करना चाहिए:
- 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्क
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
- लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज
- बार-बार श्वसन संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति
किन लोगों में निमोनिया का खतरा ज्यादा होता है?
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां निमोनिया के जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जैसे:
- Diabetes
- Asthma
- Chronic Obstructive Pulmonary Disease
- हृदय संबंधी रोग
- लिवर की पुरानी बीमारियां
- सिकल सेल रोग
इसके अलावा कीमोथेरेपी कराने वाले मरीज, अंग प्रत्यारोपण करा चुके लोग और HIV/AIDS से प्रभावित व्यक्तियों में भी संक्रमण का खतरा अधिक माना जाता है।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करने वालों में भी फेफड़ों की सुरक्षा क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे निमोनिया का जोखिम बढ़ जाता है।
क्या हर साल लगवानी पड़ती है वैक्सीन?
फ्लू वैक्सीन के विपरीत, निमोनिया वैक्सीन आमतौर पर हर साल नहीं लगवानी पड़ती। अधिकांश लोगों को एक या सीमित संख्या में डोज पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर अतिरिक्त डोज की सलाह दे सकते हैं।
बच्चों के लिए क्या है टीकाकरण कार्यक्रम?
बच्चों को आमतौर पर यह वैक्सीन चार चरणों में दी जाती है:
- 2 महीने
- 4 महीने
- 6 महीने
- 12 से 15 महीने की उम्र
यदि किसी बच्चे का टीकाकरण समय पर नहीं हो पाया हो तो डॉक्टर की सलाह से बाद में भी डोज पूरी की जा सकती है।
क्या होते हैं इसके साइड इफेक्ट्स?
निमोनिया वैक्सीन के दुष्प्रभाव सामान्यतः हल्के होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन
- हल्का बुखार
- थकान
- भूख कम लगना
- मांसपेशियों में दर्द
गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया बहुत कम मामलों में देखी जाती है।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है, बार-बार फेफड़ों या श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं होती हैं, या आप किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, तो निमोनिया वैक्सीन की जरूरत के बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श करना उचित रहेगा।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वैक्सीन या उपचार संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।


































