कम उम्र में क्रिकेट जगत में पहचान बनाने वाले Vaibhav Suryavanshi इन दिनों अपनी प्रतिभा के साथ-साथ कमाई को लेकर भी चर्चा में हैं। आईपीएल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी आय के कारण उनकी संपत्ति करोड़ों रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि नाबालिग होने के बावजूद उनकी आय पर टैक्स कैसे लगाया जाता है और भारतीय आयकर कानून इसके लिए क्या प्रावधान करता है।
कम उम्र में करोड़ों की कमाई
क्रिकेट से मिलने वाली फीस, विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट और स्पॉन्सरशिप जैसी गतिविधियां युवा खिलाड़ियों की आय के प्रमुख स्रोत होती हैं। इसी वजह से कई उभरते खिलाड़ी कम उम्र में ही बड़ी कमाई करने लगते हैं। हालांकि, आय होने के साथ टैक्स संबंधी नियम भी लागू होते हैं।
नाबालिगों की आय पर क्या कहता है कानून?
भारतीय आयकर कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति नाबालिग माना जाता है। सामान्य परिस्थितियों में नाबालिग की आय को उसके माता-पिता की आय में जोड़ा जाता है। इसे “क्लबिंग ऑफ इनकम” कहा जाता है। इसके बाद संबंधित अभिभावक की कुल आय के आधार पर कर देयता तय की जाती है।
किस अभिभावक की आय में जुड़ती है कमाई?
- यदि माता-पिता दोनों जीवित हैं और आय अर्जित करते हैं, तो नाबालिग की आय उस अभिभावक की आय में जोड़ी जाती है जिसकी आय अधिक हो।
- यदि माता-पिता अलग-अलग रहते हैं, तो आय उस अभिभावक की आय में शामिल की जाती है जिसके साथ बच्चा रह रहा हो।
- यदि माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो नाबालिग की ओर से अलग आयकर रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।
क्या हर आय माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है?
आयकर कानून में कुछ अपवाद भी हैं। यदि नाबालिग की आय उसकी विशेष प्रतिभा, कौशल, ज्ञान या पेशेवर कार्य के कारण अर्जित हुई है, तो कई मामलों में उसकी आय को अलग माना जा सकता है और उसके नाम से अलग टैक्स रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। खेल, अभिनय, कला या अन्य पेशेवर गतिविधियों से होने वाली आय के मामलों में कर विशेषज्ञों की राय लेना जरूरी होता है।
टैक्स प्लानिंग क्यों जरूरी?
कम उम्र में बड़ी आय अर्जित करने वाले खिलाड़ियों और कलाकारों के लिए सही वित्तीय योजना और कर अनुपालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे भविष्य में किसी कानूनी या कर संबंधी समस्या से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे युवा खिलाड़ियों की कमाई बढ़ती है, उन्हें और उनके परिवार को टैक्स नियमों, निवेश और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी भी उतनी ही गंभीरता से लेनी चाहिए।


































