भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत के साथ कप्तानी की जिम्मेदारी Shubman Gill के कंधों पर आई, लेकिन शुरुआती नतीजों ने टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। Rohit Sharma और Virat Kohli के टेस्ट क्रिकेट से हटने के बाद टीम के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है।
गिल की कप्तानी में कैसा रहा प्रदर्शन?
अब तक शुभमन गिल ने 8 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है। इनमें टीम को 4 जीत मिलीं, 3 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। जीत प्रतिशत 57.14 रहने के बावजूद सीरीज नतीजों के आधार पर टीम का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है।
इंग्लैंड दौरे से हुई थी शुरुआत
गिल ने कप्तान के रूप में अपना सफर इंग्लैंड दौरे से शुरू किया था। उस सीरीज में भारतीय टीम ने कड़ा मुकाबला करते हुए सीरीज बराबरी पर समाप्त की थी। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली जीत ने भी टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया।
घरेलू मैदान पर झटका
हालांकि बाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत को निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद कप्तानी, रणनीति और टीम संयोजन को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। खासकर घरेलू परिस्थितियों में मिली हार ने कई सवाल खड़े किए।
WTC अंकतालिका में पिछड़ी टीम
भारतीय टीम फिलहाल ICC World Test Championship की अंकतालिका में शीर्ष स्थानों से काफी पीछे नजर आ रही है। इससे फाइनल की राह चुनौतीपूर्ण हो गई है और टीम के प्रदर्शन पर दबाव बढ़ गया है।
ROKO युग के बाद नई चुनौती
रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ रहे। उनके अनुभव और नेतृत्व की कमी को भरना किसी भी नए कप्तान के लिए आसान नहीं माना जाता। ऐसे में शुभमन गिल के सामने टीम को दोबारा शीर्ष स्तर पर पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।
आने वाले मुकाबलों पर रहेंगी नजरें
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि गिल की कप्तानी का सही आकलन आने वाली बड़ी टेस्ट सीरीजों में होगा। यदि भारत अगले कुछ मुकाबलों में मजबूत प्रदर्शन करता है, तो कप्तान के रूप में गिल की स्थिति और मजबूत हो सकती है। फिलहाल टीम के प्रदर्शन और WTC अभियान पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


































