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अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर बोले यूपी के पर्यटन मंत्री – भारत की सांस्कृतिक परंपरा दुनिया को दे रही शांति और सहअस्तित्व का संदेश, संग्रहालय हमारी सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र, युवाओं को विरासत से जोड़ना समय की मांग

लखनऊ : वैश्विक अशांति, बदलती जीवनशैली और आधुनिकता की तेज़ रफ्तार के बीच भारत की सांस्कृतिक विरासत आज भी पूरी दुनिया को शांति, सहअस्तित्व और मानवीय मूल्यों का संदेश दे रही है। यह बात उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर उ0प्र0 राज्य संग्रहालय एवं निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल ऐतिहासिक वस्तुओं को सहेजने का स्थान नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति, कला और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले जीवंत केंद्र हैं। आज के डिजिटल और आधुनिक दौर में युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद आवश्यक हो गया है। यदि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझेगी, तभी समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को मजबूती मिलेगी।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा छुट्टियों के दिनों में संग्रहालयों में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक यहां आकर भारतीय संस्कृति और इतिहास को नज़दीक से जान सकें। उन्होंने “विजिट माय स्टेट” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल लोगों को अपने राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार ने “आदियोगी शिव : ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगो” प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए कहा कि इंडिगो यानी नील भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और इसका महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से भी गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय कला और रंग परंपराएं विश्व संस्कृति में विशेष स्थान रखती हैं।

अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक लगभग 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि युवाओं में संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों को शैक्षिक, रचनात्मक और शोध गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य संग्रहालय एवं लोक कला संग्रहालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर विद्यालय निबंध प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विश्वविद्यालय स्तरीय कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिताओं के विजेता

  • प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सरस्वती विद्यालय कन्या इंटर कॉलेज, लखनऊ की नेहा रावत प्रथम, अम्बुज द्वितीय और वैष्णवी यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
  • निबंध प्रतियोगिता में बाल निकुंज इंटर कॉलेज, मड़ियांव के वीरेंद्र ने प्रथम, भूमि वर्मा ने द्वितीय और दिव्या वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
  • कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिता में कॉलेज ऑफ आर्ट, लखनऊ के हर्षित शाक्य प्रथम, गोयल इंस्टीट्यूट की इशिका यादव द्वितीय और टेक्नो ग्रुप ऑफ हायर स्टडीज के सर्वजीत तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम में विशेष सचिव संस्कृति , की कुलपति , सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कलाकार और संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे।

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