United States और Iran के बीच जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत में कई अहम शर्तों की चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने समझौते और संघर्ष समाप्ति के लिए ईरान के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।
अमेरिका की प्रमुख शर्तें
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने साफ किया है कि वह पहले लगाए गए प्रतिबंधों या अपनी नीतियों से हुए आर्थिक नुकसान के लिए ईरान को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं देगा।
इसके अलावा अमेरिका ने कथित तौर पर मांग की है कि ईरान अपने लगभग 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम को अमेरिकी नियंत्रण में सौंपे।
तीसरी शर्त में कहा गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत केवल एक न्यूक्लियर सुविधा को ही सक्रिय रख सकेगा। वहीं चौथी मांग के तहत अमेरिका ने ईरान की विदेशों में जमी संपत्तियों का एक हिस्सा जारी करने से भी इनकार किया है।
पांचवीं शर्त में क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने और बातचीत को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
ईरान की भी सामने आईं शर्तें
दूसरी ओर, Iran ने भी बातचीत के लिए अपनी कुछ पूर्व शर्तें रखी हैं। इनमें:
- सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करना
- विशेष रूप से Lebanon में तनाव कम करना
- ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना
- विदेशी बैंकों में जमी संपत्तियां जारी करना
- युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई
जैसी मांगें शामिल बताई जा रही हैं।
होर्मुज और तेल आपूर्ति भी अहम मुद्दा
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की बात भी उठाई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
बातचीत पर अभी भी बना हुआ है गतिरोध
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी पक्ष जहां सुरक्षा और परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर जोर दे रहा है, वहीं ईरान आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और अपनी संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर समझौता चाहता है। ऐसे में वार्ता का भविष्य फिलहाल अनिश्चित नजर आ रहा है।


































