
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक ने समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अमर्यादित एवं असंसदीय टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और राजनीतिक विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की भाषा उसके संस्कार, राजनीतिक सोच और कार्यशैली का परिचय देती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद, विचार और विकास का मंच है, न कि व्यक्तिगत अपमान और स्तरहीन बयानबाज़ी का माध्यम। राजनीतिक विरोध के बावजूद शालीनता बनाए रखना एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता उनके नेतृत्व, राष्ट्रहित में लिए गए फैसलों और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण सम्मान देती है। इस प्रकार की अभद्र टिप्पणियां प्रधानमंत्री की गरिमा को प्रभावित नहीं कर सकतीं, बल्कि टिप्पणी करने वालों की राजनीतिक संस्कृति और मानसिकता को उजागर करती हैं।
सरोजनीनगर विधायक ने कहा कि आज देश की राजनीति को सकारात्मक संवाद, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। व्यक्तिगत कटाक्ष और अमर्यादित भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है तथा समाज में गलत संदेश देती है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऐसी बयानबाज़ी को लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए सभी राजनीतिक दलों से जिम्मेदार एवं मर्यादित भाषा के प्रयोग की अपील की।


































