हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के शरीर में बढ़ता रहता है। कई लोगों को इसकी जानकारी तब मिलती है, जब यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या गंभीर हृदय रोग जैसी समस्याओं का कारण बन चुका होता है।
कम उम्र में भी बढ़ रहा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अब हाई कोलेस्ट्रॉल केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। खराब खानपान, तनाव और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।
क्यों खतरनाक है हाई कोलेस्ट्रॉल?
जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने लगता है, तो यह धीरे-धीरे धमनियों में जमा होने लगता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और आगे चलकर:
- हार्ट डिजीज
- स्ट्रोक
- हाई ब्लड प्रेशर
- ब्लॉकेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
शरीर में दिख सकते हैं ये संकेत
डॉक्टरों के मुताबिक कई बार शरीर शुरुआती संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- आंखों की पुतली के आसपास सफेद या ग्रे घेरा दिखाई देना
- त्वचा पर पीले रंग की छोटी गांठें या उभार
- आंखों, कोहनी, घुटनों या हाथों के आसपास बदलाव
- लगातार थकान या भारीपन महसूस होना
इन संकेतों को मेडिकल भाषा में कॉर्नियल आर्कस और जैंथोमास कहा जाता है।
किन कारणों से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल?
विशेषज्ञों के अनुसार हाई कोलेस्ट्रॉल के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- मोटापा
- धूम्रपान
- तनाव
- टाइप-2 डायबिटीज
- परिवार में पहले से बीमारी का इतिहास
कैसे करें बचाव?
- नियमित व्यायाम करें
- हेल्दी डाइट अपनाएं
- जंक फूड और ट्रांस फैट कम करें
- वजन नियंत्रित रखें
- समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाएं
डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल का सही पता केवल ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है। यदि परिवार में किसी को यह समस्या रही हो या शरीर में ऐसे संकेत दिख रहे हों, तो देरी किए बिना जांच करवानी चाहिए।
यह जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों और रिसर्च रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।


































