मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरानी झंडा लगे दो तेल टैंकरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्क्रिय कर दिया। घटना के दौरान हुई फायरिंग में 10 ईरानी सैनिकों के घायल होने की खबर सामने आई है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दोनों टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पार कर ओमान की खाड़ी स्थित एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका का आरोप है कि ये जहाज लागू समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे।
अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने की कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि USS George H.W. Bush विमानवाहक पोत से उड़ान भरने वाले F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों ने दोनों टैंकरों की चिमनियों को निशाना बनाया, जिससे वे आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने एक अन्य ईरानी टैंकर M/T Hasna पर भी कार्रवाई की थी। बताया गया कि यह जहाज भी ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा था। USS Abraham Lincoln से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमान ने टैंकर के रडर को निशाना बनाकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था।
CENTCOM का कहना है कि अब ये तीनों जहाज अपनी मंजिल की ओर आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
अमेरिकी कमांडर का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर Brad Cooper ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर लागू नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक लगातार समुद्री गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।
कई जहाजों का रास्ता बदला गया
अमेरिकी सेना के मुताबिक, हाल के दिनों में कई कॉमर्शियल जहाजों को रोका या उनका मार्ग बदला गया है। दावा किया गया कि 50 से अधिक जहाजों का रूट बदलकर नाकेबंदी के नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकती है।

































