आज की बदलती लाइफस्टाइल में महिलाओं के बीच Egg Freezing यानी एग फ्रीजिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। करियर, पढ़ाई और व्यक्तिगत कारणों से कई महिलाएं मां बनने का फैसला देर से कर रही हैं, ऐसे में यह तकनीक उन्हें भविष्य में प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने का विकल्प देती है।
क्या है एग फ्रीजिंग?
एग फ्रीजिंग (ओओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन) एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडों को निकालकर बेहद कम तापमान पर सुरक्षित स्टोर किया जाता है। बाद में जरूरत पड़ने पर इन्हीं अंडों का उपयोग गर्भधारण के लिए किया जा सकता है।
कैसे होती है पूरी प्रक्रिया?
इस प्रक्रिया के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
- फर्टिलिटी विशेषज्ञ से परामर्श
- कुछ दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन या दवाएं दी जाती हैं
- अंडों के विकसित होने के बाद उन्हें एक छोटी सर्जिकल प्रक्रिया से निकाला जाता है
- निकाले गए अंडों को लैब में फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाता है
क्या यह प्रक्रिया दर्दनाक होती है?
एग फ्रीजिंग को सामान्यतः सुरक्षित और कम दर्द वाली प्रक्रिया माना जाता है।
- हार्मोनल दवाओं के कारण सूजन, सिरदर्द, मूड स्विंग या थकान हो सकती है
- अंडे निकालने के दौरान हल्की असहजता या दर्द महसूस हो सकता है
- अधिकतर मामलों में यह लक्षण कुछ ही समय में ठीक हो जाते हैं
- गंभीर साइड इफेक्ट बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलते हैं
किस उम्र में बेहतर होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- 30 से 34 वर्ष की उम्र को सबसे उपयुक्त माना जाता है
- 35 के बाद फर्टिलिटी और एग क्वालिटी में गिरावट शुरू हो जाती है
क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड?
- करियर और शिक्षा पर फोकस
- देर से शादी या मां बनने का फैसला
- मेडिकल कारण जैसे कैंसर या हार्मोनल समस्याएं
- फर्टिलिटी को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की चाह
कितना खर्च आता है?
- एक साइकिल का खर्च लगभग ₹1 लाख से ₹2.5 लाख तक
- इसके अलावा अंडों को स्टोर करने का वार्षिक शुल्क अलग होता है
निष्कर्ष
एग फ्रीजिंग आधुनिक विज्ञान का एक सुरक्षित विकल्प है, जो महिलाओं को अपनी प्रजनन क्षमता को समय के अनुसार प्लान करने की सुविधा देता है। हालांकि, इसे अपनाने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।


































