
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण के चलते उत्पन्न हो रही जनसमस्याओं को लेकर विधायक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने (NHAI) के चेयरमैन को संबोधित करते हुए लगातार तीन विस्तृत पत्र भेजे हैं, जिनमें क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को विस्तार से बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई है। इन पत्रों में साफ तौर पर यह दर्शाया गया है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी स्थानीय जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रही है।
एक्सप्रेस-वे बना परेशानी की वजह, सड़क पार करना हुआ जानलेवा

विधायक डॉ. सिंह ने अपने पत्र में बताया कि लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण जहां विकास का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर इससे जुड़े कुछ जरूरी कार्य अधूरे रहने के कारण आम जनता को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शांति नगर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यहां लगभग 30 हजार की आबादी निवास करती है, जिसे एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर आवागमन के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं।
खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग और महिलाएं इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। ऐसे में हज हाउस के पास फुट ओवरब्रिज का निर्माण अत्यंत आवश्यक बताया गया है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
दरोगा खेड़ा में 60 हजार आबादी की परेशानी, लंबा चक्कर मजबूरी

अपने दूसरे पत्र में विधायक ने दरोगा खेड़ा क्षेत्र की गंभीर स्थिति का जिक्र किया है। यहां करीब 60 हजार की आबादी एक्सप्रेस-वे के कारण सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों को सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए कई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी हो रही है। यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों के लिए खतरा बन सकती है।
विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, तो निजी भूमि खरीदकर भी फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने इसे जनहित में अत्यंत आवश्यक कदम बताते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने की मांग की है।
अधूरे नालों से बढ़ रहा जलभराव, बारिश में बिगड़ सकते हैं हालात

तीसरे पत्र में विधायक ने एक्सप्रेस-वे के किनारे बन रहे नालों के अधूरे कार्यों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि कृष्णा लोक कॉलोनी, दरोगा खेड़ा और रैनियापुर फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी मोड़ जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर नालों के “मिसिंग लिंक” अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं।
इसका सीधा असर यह हो रहा है कि पानी का निकास बाधित हो रहा है और क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। स्थानीय निवासियों के घरों और सड़कों पर पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
विधायक ने आगाह किया कि यदि बारिश से पहले इन अधूरे कार्यों को पूरा नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
NHAI से समयबद्ध और प्राथमिकता आधारित कार्रवाई की मांग
विधायक ने से इन सभी मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि:
- फुट ओवरब्रिज निर्माण को प्राथमिकता दी जाए
- जहां आवश्यक हो, वहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए
- नालों के अधूरे “मिसिंग लिंक” कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया है, ताकि इन परियोजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता को जल्द राहत मिल सके।
जनता को राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम
विधायक की इस पहल को क्षेत्र की जनता के लिए एक बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। यदि NHAI इन मांगों पर जल्द कार्रवाई करता है, तो सरोजनीनगर में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं- जैसे सड़क पार करने की असुविधा, ट्रैफिक अव्यवस्था और जलभराव- से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
यह पहल न केवल विकास कार्यों को संतुलित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जनप्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


































