
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र है, जिसकी नींव चुनाव आयोग की पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर आधारित है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर अविश्वास जताना सीधे तौर पर देश की जनता के फैसले और जनादेश पर सवाल खड़ा करने जैसा है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 के आम चुनाव ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र की ताकत को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में 96.88 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे, जबकि 10.52 लाख से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए। इसके साथ ही 64 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को और सशक्त बनाया।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) जैसी व्यवस्थाओं ने चुनाव प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाया है। साथ ही, मजबूत निगरानी तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था के चलते चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होते हैं।
डॉ. सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी चुनाव परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आते, तब कुछ लोग चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे जनता के विश्वास को ठेस पहुंचती है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण ढंग से होता आया है, जो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण है। ऐसे में आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का प्रयास भी है।
अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि देश की जनता जागरूक है और अपने मताधिकार का सही उपयोग करना जानती है। इसलिए किसी भी संस्था पर अनावश्यक संदेह करने के बजाय लोकतंत्र की मजबूती के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


































