मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Pakistan ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो वह अपने रक्षा समझौते के तहत Saudi Arabia का समर्थन करेगा, न कि Iran का।
पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हुए कथित हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे “खतरनाक स्थिति” बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
इस्लामाबाद ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया और रियाद के प्रति अपने समर्थन को दोहराया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी सऊदी नेतृत्व से बातचीत कर एकजुटता जताई और हमलों की निंदा की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में सऊदी अरब के पूर्वी इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। खासतौर पर Jubail में स्थित बड़े औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जहां पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग लगने की खबरें हैं।
स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब, बहरीन और यूएई ने संयुक्त रूप से सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर कुछ महत्वपूर्ण मार्गों और सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया।
कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका और क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान का यह रुख भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।


































