
लखनऊ, 1 मार्च 2026। के मार्गदर्शन में प्रेरणा परिवार द्वारा , लखनऊ में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
“परम्पराएँ हमें अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं” – स्वांतरंजन जी

अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी परम्पराएँ हमें अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं। भारत की संस्कृति मूल्य आधारित है, जिसे हमें अपने जीवन में धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य और आस्था के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
राम के आदर्शों पर सशक्त भारत – ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही सशक्त और संस्कारित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कामना की कि भारत की धर्मध्वजा सदैव ऊँची लहराती रहे और समाज में एकता व समरसता बनी रहे।
मालिनी अवस्थी की मनमोहक प्रस्तुति

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोक गायिका ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रज, अवध, बुंदेलखंड तथा उत्तराखंड के कुमाऊं एवं गढ़वाल अंचल की पारंपरिक होली पर आधारित लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को सांस्कृतिक वैभव से भर दिया।
संस्कृति संवर्धन के लिए समर्पित प्रेरणा परिवार

प्रेरणा परिवार के अध्यक्ष गुंजीत कालरा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का पुनर्जीवन तथा युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। अब तक संस्था द्वारा आठ सफल आयोजन किए जा चुके हैं, जिनमें यह होली मिलन का तीसरा उत्सव था।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

समारोह में अखिल भारतीय सह गौसेवा प्रमुख नवल किशोर जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी, कृषिमंत्री सूर्य प्रताप साही जी, राज्य मंत्री (सामाजिक कल्याण) , पूर्व मंत्री , पूर्व जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक , , पूर्व मंत्री , पूर्व महापौर , मुख्यमंत्री के सलाहकार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रंगोत्सव का आनंद लिया। समारोह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।


































