ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो यह “जुआ खेलने जैसा” होगा और ईरान अपनी रक्षा योजनाओं के तहत जवाब देगा।
जिनेवा में वार्ता, डील को तैयार ईरान
26 फरवरी 2026 को जिनेवा में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है। तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान “जल्द से जल्द समझौता” करने को तैयार है और ईमानदारी से बातचीत में हिस्सा लेगा। साथ ही चेतावनी दी कि हमले की स्थिति में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं।
ट्रंप का रुख: पहले कूटनीति, पर सैन्य विकल्प खुला
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पहला विकल्प कूटनीति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य शक्ति का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
ईरान के भीतर विरोध और सरकार की चेतावनी
ईरान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की खबरों के बीच सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि विरोध का अधिकार है, पर “रेड लाइंस” का सम्मान जरूरी है—जैसे राष्ट्रीय प्रतीक और पवित्र चीजें।
क्षेत्रीय समीकरण और मिसाइल चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन, ईरान को CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल बेचने के करीब है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 290 किमी बताई जाती है। इससे खाड़ी क्षेत्र में सामरिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
संकेत साफ हैं—दोनों पक्ष वार्ता का रास्ता खुला रखना चाहते हैं, लेकिन सैन्य विकल्प भी मेज पर है। जिनेवा वार्ता का नतीजा तय करेगा कि हालात टकराव की ओर बढ़ेंगे या किसी समझौते की दिशा में।


































