Early Warning Signs Of Blood Cancer:
लगातार थकान महसूस होना, बार-बार बुखार आना या छोटी-छोटी बीमारियों का जल्दी ठीक न होना अक्सर लोग सामान्य कमजोरी या बदलते मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये लक्षण ब्लड कैंसर के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। ब्लड कैंसर धीरे-धीरे शरीर के अंदर पनपता है और शुरुआत में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जिस वजह से समय पर पहचान नहीं हो पाती।
ब्लड कैंसर मुख्य रूप से ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा के रूप में सामने आता है। ये बीमारियां बोन मैरो में शुरू होती हैं, जहां खून की कोशिकाएं बनती हैं, और धीरे-धीरे शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करने लगती हैं।
शुरुआती पहचान क्यों है जरूरी
अंबाला स्थित पूजा सुपरस्पेशलिटी क्लीनिक के विशेषज्ञ डॉ. दीपक सहोता के मुताबिक, ब्लड कैंसर की शुरुआती पहचान इलाज को काफी आसान बना सकती है। समय रहते बीमारी पकड़ में आ जाए तो इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है और ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट जैसे विकल्पों पर भी बेहतर तरीके से विचार किया जा सकता है।
लगातार थकान को न करें नजरअंदाज
अगर बिना ज्यादा मेहनत के भी लगातार कमजोरी, थकान या सांस फूलने की शिकायत बनी रहती है और आराम करने के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो यह एनीमिया का संकेत हो सकता है। डॉ. सहोता के अनुसार ब्लड कैंसर में शरीर पर्याप्त स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता, जिससे लगातार थकान महसूस होती है।
बार-बार बुखार और इंफेक्शन
ब्लड कैंसर में इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि व्यक्ति को बार-बार बुखार, सर्दी या इंफेक्शन हो सकते हैं और छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं। यह संकेत देता है कि व्हाइट ब्लड सेल्स ठीक से काम नहीं कर रही हैं।
बिना वजह खून आना या जल्दी चोट लगना
नाक या मसूड़ों से खून आना, मामूली चोट पर भी ज्यादा नीला पड़ जाना या त्वचा पर छोटे लाल-बैंगनी दाग दिखना प्लेटलेट्स की कमी का लक्षण हो सकता है। ल्यूकेमिया में ये लक्षण आम हैं, लेकिन लोग अक्सर इन्हें हल्के में ले लेते हैं।
वजन घटना, रात में पसीना और गांठें
अगर बिना डाइट या एक्सरसाइज के वजन तेजी से घट रहा हो, रात में अत्यधिक पसीना आता हो या गर्दन, बगल या जांघ में दर्द रहित गांठ दिखाई दे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। ये लक्षण खासतौर पर लिंफोमा से जुड़े हो सकते हैं। वहीं हड्डियों, रीढ़ या पसलियों में लगातार दर्द मल्टीपल मायलोमा की ओर इशारा कर सकता है।
स्टेम सेल ट्रांसप्लांट बन सकता है उम्मीद
ब्लड कैंसर के कई मामलों में ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक प्रभावी इलाज माना जाता है। इसमें खराब बोन मैरो की जगह स्वस्थ स्टेम सेल्स दी जाती हैं, जिससे नया ब्लड और मजबूत इम्यून सिस्टम विकसित होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी लक्षण या उपचार से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।


































