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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नौवें तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ : बोले- बागवानी बनेगी किसानों की समृद्धि का नया आधार

लखनऊ, 3 जुलाई 2026। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को नौवें तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने महोत्सव का उद्घाटन करने के साथ ही ‘आम महोत्सव-2026’ की स्मारिका का विमोचन किया तथा प्रदेश के प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने महोत्सव के सफल आयोजन में मुख्यमंत्री के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज बागवानी और कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

मंत्री ने बताया कि इस वर्ष आम महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। यह महोत्सव केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों, अभिभावकों और आम प्रेमियों के लिए भी एक अनूठा अनुभव है, जहां वे देश-विदेश की दुर्लभ आम की प्रजातियों को एक ही स्थान पर देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि महोत्सव का आयोजन तीन प्रमुख स्थानों पर किया गया है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम प्रदर्शनी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि मलिहाबाद के बागानों में किसानों के साथ तकनीकी संवाद एवं भ्रमण तथा जनभवन में राज्यपाल की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, बागवानी को प्रोत्साहित करने और उत्तर प्रदेश को वैश्विक फल उत्पादन एवं निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाना है।

उद्यान मंत्री ने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि आम की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पेपर बैग तकनीक अपनाई जा रही है। इसके साथ ही कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड, आधुनिक हाई-टेक नर्सरियों की स्थापना तथा कमल की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करने जैसे कई नवाचार किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हाई-टेक नर्सरियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले पौधों की संख्या 74 लाख से बढ़कर 29 करोड़ तक पहुंच गई है, जो प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के तेजी से विस्तार का प्रमाण है।

शहरी क्षेत्रों में रूफ टॉप गार्डनिंग को भी विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे शहरों में हरियाली बढ़ेगी, कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण में मदद मिलेगी और लोगों को घरों में ही फल एवं सब्जियां उगाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत मंडल स्तर पर औद्योगिक उन्नयन गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि कम भूमि में अधिक मूल्य देने वाली फसलें जैसे औषधीय पौधे, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, मखाना, खजूर और कमल की खेती को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश की मात्र 9 प्रतिशत भूमि पर उगाई जाने वाली औद्यानिक फसलें आज 42 प्रतिशत उत्पादन मूल्य में योगदान दे रही हैं, जबकि कृषि विभाग की 91 प्रतिशत भूमि का योगदान 58 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि बागवानी किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

उत्तर प्रदेश के आम, सब्जियां और अन्य औद्यानिक उत्पाद आज अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर, रूस, जर्मनी, मॉरीशस, नीदरलैंड, ओमान, नेपाल, थाईलैंड, बहरीन और स्वीडन सहित अनेक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत में आम और शहद उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। प्रदेश के शहद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘काशी शहद’ ब्रांड विकसित किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पहचान बनाई जा सके।

कार्यक्रम के अंत में उद्यान मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग ने अपने 50 वर्षों के इतिहास में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग की योजनाओं से किसानों की आय बढ़ी है, प्रदेश की प्रतिष्ठा मजबूत हुई है और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।

अलीगंज में हाल ही में हुई दुखद अग्निकांड की घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आयोजकों ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान करते हुए महोत्सव के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया। यह निर्णय पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक रहा।

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