China और Iran के विदेश मंत्रियों के बीच युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार उच्चस्तरीय मुलाकात हुई। यह बैठक बुधवार को Beijing में आयोजित हुई, जहां ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अपने चीनी समकक्ष Wang Yi से मुलाकात की।
बैठक में मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात, युद्धविराम और क्षेत्रीय शांति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने लंबे समय से जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई और स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
चीन ने जताई चिंता, कहा- व्यापक युद्धविराम जरूरी
बैठक के दौरान Wang Yi ने कहा कि दो महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए व्यापक और स्थायी युद्धविराम बेहद जरूरी है।
चीन की ओर से यह भी कहा गया कि किसी भी कीमत पर दुश्मनी दोबारा शुरू नहीं होनी चाहिए और सभी पक्षों को बातचीत और कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर कायम रहना चाहिए।
युद्ध शुरू होने के बाद पहली उच्चस्तरीय बातचीत
28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब चीन और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच आमने-सामने बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत आर्थिक और राजनीतिक संबंध रहे हैं, जिसके चलते इस पूरे मामले में चीन की भूमिका अहम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच चीन खुद को शांति स्थापित करने वाले महत्वपूर्ण देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान-अमेरिका के बीच भी समझौते की कोशिश
इधर, United States और Iran के बीच भी शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश एक संभावित 14 सूत्रीय समझौते पर चर्चा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के तहत अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को करीब 20 वर्षों तक रोक दे। वहीं ईरान इस अवधि को कम कर लगभग 5 साल तक सीमित रखने के पक्ष में है।
हालांकि अब तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


































