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गर्मी का प्रकोप तेज: हीट स्ट्रोक के बढ़ते मामले, जानें बचाव के जरूरी उपाय

अप्रैल के अंत के साथ ही तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी के साथ ही हीट स्ट्रोक के मामलों में भी तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक धूप में रहने या भारी शारीरिक गतिविधि करने से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे यह गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

क्या होता है हीट स्ट्रोक?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर का तापमान 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब हीट स्ट्रोक होता है। यह दो प्रकार का होता है—एक्सर्शनल (ज्यादा मेहनत या व्यायाम से) और नॉन-एक्सर्शनल (अधिक गर्मी के संपर्क से), जो खासकर बुजुर्गों और बच्चों में ज्यादा देखा जाता है।

लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द और चक्कर
  • भ्रम या बेहोशी
  • त्वचा का सूखा और बहुत गर्म होना
  • दिल की धड़कन और सांस का तेज होना

यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

कैसे करें बचाव?

  • दोपहर की तेज धूप (12 से 4 बजे) में बाहर निकलने से बचें
  • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
  • भरपूर पानी और तरल पदार्थ पिएं
  • बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें
  • ज्यादा देर तक धूप में काम करने से बचें

आपात स्थिति में क्या करें?
अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत उसे ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें, कपड़े ढीले करें और पानी पिलाएं। गंभीर हालत जैसे बेहोशी या बहुत तेज बुखार में तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।

निष्कर्ष:
भीषण गर्मी के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी ही आपको हीट स्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थिति से बचा सकती है। समय पर लक्षण पहचानना और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।

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