
“सम्मान अभियान 2026” के तहत भव्य संगोष्ठी सम्पन्न, सपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार; शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और समानता पर दिया व्यापक संदेश
लखनऊ (आशियाना): संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के आशियाना में “सम्मान अभियान 2026” के अंतर्गत एक अत्यंत भव्य, संगठित एवं विचारप्रधान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धांजलि के साथ-साथ सामाजिक चेतना, समानता और अधिकारों के व्यापक विमर्श का सशक्त मंच बनकर उभरा, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बाबा साहब को पुष्पांजलि अर्पित की और अपने संबोधन में कहा कि “14 अप्रैल केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह दिन सामाजिक न्याय, समान अधिकार और मानवीय गरिमा के संघर्ष का प्रतीक है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “यदि हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से निर्वहन करें, तभी हम बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।”
बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए एक समरस, समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। “सम्मान अभियान 2026” के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सामाजिक समानता केवल नीतिगत स्तर पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत व्यवहार और सामाजिक चेतना के माध्यम से ही संभव है।
शिक्षा को बताया सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि बाबा साहब का पूरा जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा और संघर्ष के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे शिक्षा को अपने जीवन का प्रमुख लक्ष्य बनाएं और समाज में हो रहे अन्याय के प्रति सजग और सक्रिय रहें।
सरोजनीनगर में विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख
अपने संबोधन में उन्होंने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास और जनकल्याणकारी कार्यों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि-
क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्थापित तारा शक्ति केंद्र आज सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुके हैं। 150 से अधिक केंद्रों के माध्यम से हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए 62 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है और लगभग 150 कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिल रही है और वे डिजिटल युग के अनुरूप तैयार हो रहे हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला, सपा-कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस केवल बाबा साहब के नाम पर राजनीति कर रही हैं और घड़ियाली आंसू बहा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान दलित महापुरुषों के नाम पर स्थापित जिलों और संस्थानों के नाम बदल दिए गए, जो उनके सम्मान के विपरीत था। वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने बाबा साहब के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को पद्म भूषण से सम्मानित कर उनके योगदान का अपमान किया।
डबल इंजन सरकार की नीतियों का उल्लेख
डॉ. सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार बाबा साहब के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत के तहत बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक पहल
कार्यक्रम के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विशेष उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं को समान अधिकार और प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि यह कानून बाबा साहब के समानता के सिद्धांतों को वास्तविकता में बदलने का माध्यम बनेगा।
मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री त्र्यंबक त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नेहरू को केंद्र में रखकर राजनीति की, जिससे बाबा साहब जैसे महान व्यक्तित्व को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के कारण ही आज भारत का संविधान इतना मजबूत और समावेशी बना है।
अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य एवं भाजपा अनुसूचित मोर्चा की प्रदेश मंत्री श्रीमती नीरज गौतम ने कहा कि वर्तमान सरकार बाबा साहब के सपनों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
‘जात-पात का विनाश’ भेंट कर फैलाया जागरूकता का संदेश
संगोष्ठी के दौरान कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को बाबा साहब की आत्मकथा और उनकी प्रसिद्ध कृति ‘जात-पात का विनाश’ भेंट की गई। इसका उद्देश्य समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाना और बाबा साहब के विचारों को घर-घर तक पहुंचाना रहा।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही व्यापक सहभागिता
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि, पार्षद, मंडल पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहब के विचारों को अपनाने और समाज में समानता स्थापित करने का संकल्प लिया।
आशियाना में आयोजित यह संगोष्ठी एक सामान्य कार्यक्रम से कहीं बढ़कर सामाजिक जागरूकता का व्यापक अभियान साबित हुई। “सम्मान अभियान 2026” के माध्यम से न केवल बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, बल्कि शिक्षा, समानता, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता के मूल्यों को मजबूती से स्थापित करने का संदेश भी दिया गया।


































