
लखनऊ। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने की दिशा में महिला प्रो वॉलीबॉल लीग (WPVL) एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह लीग बेटियों को खेल के क्षेत्र में नई पहचान बनाने और सफलता की ऊंचाइयां हासिल करने का सशक्त मंच प्रदान करेगी। यह बात सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने महिला प्रो वॉलीबॉल लीग के लिए आयोजित खिलाड़ियों की नीलामी एवं ट्रॉफी अनावरण समारोह में कही।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खिलाड़ी समाज के श्रेष्ठ नागरिक होते हैं। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, धैर्य, नेतृत्व और जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित करते हैं। खिलाड़ियों का परिश्रम, समर्पण और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
खेलों से मिलती है अनुशासन और सामूहिक सफलता की सीख

वॉलीबॉल के इतिहास का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि वर्ष 1895 में विलियम जी. मॉर्गन द्वारा शुरू किया गया यह खेल आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। उन्होंने वर्ष 1964 के टोक्यो ओलंपिक में जापान की महिला वॉलीबॉल टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि टीम ने कोच हिरोफुमी दाइमात्सु के मार्गदर्शन में सोवियत संघ को 3-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। यह उपलब्धि बताती है कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और सामूहिक प्रयास के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि खेलों में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि साथियों पर विश्वास, निरंतर अभ्यास और कठिन परिस्थितियों में दोबारा खड़े होने के साहस से भी मिलती है। महिला खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रोत्साहन उपलब्ध कराना उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बेटियों को अवसर देना ही महिला सशक्तीकरण का वास्तविक स्वरूप
डॉ. सिंह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ केवल संकल्प लेना नहीं, बल्कि बेटियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, पहचान बनाने और आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराना है। महिला प्रो वॉलीबॉल लीग इसी सोच को साकार करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। इससे महिला खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा।
समारोह में मेधज ग्रुप के चेयरमैन श्री समीर त्रिपाठी, WPVL की संचालिका एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ऋतु शाही, WPVL के संचालक डॉ. बुख़रत अहमद, डॉ. आर. पी. सिंह, श्रीमती सूर्यांशी पांडेय तथा पूर्व पहलवान एवं लीग के ब्रांड एंबेसडर श्री संग्राम सिंह सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
पढ़ाई के साथ खेलों को भी दें पर्याप्त समय
डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं से पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को भी पर्याप्त समय देने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला प्रो वॉलीबॉल लीग देश की बेटियों को अपनी प्रतिभा साबित करने, नई पहचान बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं, अनुशासित युवा और टीम भावना से प्रेरित समाज ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। खेलों को प्रोत्साहन देकर न केवल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार समाज का निर्माण भी किया जा सकता है।


































