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हर बच्चे को सम्मान, स्नेह और आगे बढ़ने का अवसर मिले: दृष्टि के विशेष बच्चों के बीच पहुंचे डॉ. राजेश्वर सिंह ; ₹20 लाख की सहायता की प्रतिबद्धता, Digital TV और Sound System देने का संकल्प; 150 साड़ियों से सेवाकर्मियों का सम्मान

  • दृष्टि सामाजिक संस्थान में वर्तमान में 265 बच्चे निवासरत।
  • 143 कर्मचारियों की टीम बच्चों की सेवा और देखभाल में जुटी।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने ₹20 लाख सहायता की प्रतिबद्धता जताई।
  • बच्चों के लिए Digital TV और Sound System देने का संकल्प।
  • भविष्य के शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण में बस व्यवस्था में सहयोग का भरोसा।
  • सेवाकर्मियों के सम्मान में 150 साड़ियां प्रदान कीं।
  • CSR, ट्रस्टों और समाजसेवियों से संस्था से जुड़ने की अपील।

लखनऊ : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रमुख समाजसेवी शरद प्रधान के साथ जानकीपुरम विस्तार स्थित दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंचकर विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को फल और चॉकलेट वितरित किए, उनसे संवाद किया और संस्था में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल एवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

दृष्टि सामाजिक संस्थान में पहुंचकर डॉ. राजेश्वर सिंह ने बच्चों के साथ समय बिताते हुए उनके बीच अपनापन और स्नेह का भाव साझा किया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक संवेदनशीलता और प्रगति का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वह उन बच्चों के लिए कितना खड़ा होता है, जिन्हें सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक सहयोग, देखभाल और अवसरों की आवश्यकता होती है।

₹20 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता

डॉ. राजेश्वर सिंह ने दृष्टि सामाजिक संस्थान को ट्रस्ट के माध्यम से ₹20 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्था को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

बच्चों की शिक्षा, मनोरंजन और सामूहिक गतिविधियों को और बेहतर बनाने के लिए उन्होंने Digital TV और Sound System उपलब्ध कराने का संकल्प भी व्यक्त किया। इसके साथ ही भविष्य में बच्चों के शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण के लिए आवश्यकता के अनुसार बसों की व्यवस्था में सहयोग का भरोसा दिया।

विशेष बच्चों की दिन-रात निःस्वार्थ सेवा में जुटे कर्मचारियों और सहयोगियों के योगदान को सम्मान देते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने 150 साड़ियां प्रदान कर सेवाकर्मियों का सम्मान भी किया।

265 बच्चों के लिए ‘दृष्टि’ बना घर और परिवार

वर्ष 1990 में स्वर्गीय श्रीमती नीता बहादुर द्वारा स्थापित दृष्टि सामाजिक संस्थान पिछले 35 वर्षों से निराश्रित, दिव्यांग, बहु-दिव्यांग एवं विशेष बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है।

संस्था में वर्तमान में 265 बच्चे निवास कर रहे हैं, जिनकी देखभाल और सेवा के लिए 143 कर्मचारियों की टीम दिन-रात समर्पित है। संस्था से जुड़े अनेक बच्चों के लिए दृष्टि केवल एक सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि उनका अपना घर और परिवार बन चुका है।

संस्था की व्यवस्थाओं और सेवाभाव को देखकर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “सच्ची समाजसेवा क्या होती है, इसे समझने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक बार दृष्टि आकर इन बच्चों और उनकी सेवा में जुटे लोगों से अवश्य मिलना चाहिए।”

35 वर्षों की सेवा-साधना को डॉ. सिंह ने किया नमन

डॉ. राजेश्वर सिंह ने दृष्टि की संस्थापिका स्वर्गीय श्रीमती नीता बहादुर के सेवा-संकल्प को नमन करते हुए संस्था के अध्यक्ष धीरेश बहादुर, अथर्व बहादुर, शालू बहादुर, मैनेजर रोहित सहित पूरी टीम के समर्पण की सराहना की।

उन्होंने कहा कि लगातार 35 वर्षों तक विशेष बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल की जिम्मेदारी निभाना सामान्य सेवा नहीं, बल्कि करुणा, संवेदना और मानवता की प्रेरणादायी साधना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों को केवल आर्थिक मदद की ही नहीं, बल्कि समाज के व्यापक सहयोग और सहभागिता की भी आवश्यकता होती है। सक्षम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, ट्रस्टों और Corporate CSR संगठनों को आगे आकर इन बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए।

‘सहयोग केवल धन से नहीं, समय और स्नेह से भी होता है’

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सामाजिक संस्थाओं, ट्रस्टों, समाजसेवियों, सक्षम नागरिकों और Corporate CSR संगठनों से दृष्टि सामाजिक संस्थान के साथ जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “सहयोग केवल धन से नहीं होता- कोई शिक्षा दे सकता है, कोई स्वास्थ्य सुविधा, कोई संसाधन और कोई अपना समय व स्नेह। दृष्टि आइए, बच्चों से मिलिए और उनकी मुस्कान का हिस्सा बनिए।”

उन्होंने कहा कि संस्था की वर्तमान एवं दीर्घकालिक आवश्यकताओं की Consolidated Requirement List तैयार कर ट्रस्टों, CSR संगठनों और समाजसेवियों के साथ साझा करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे संस्था को मिलने वाला सहयोग निरंतर, व्यवस्थित और आवश्यकता के अनुरूप हो सके।

‘कोई बच्चा स्नेह और अवसर से वंचित न रहे’

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास या भौतिक संसाधनों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से तय होती है कि समाज अपने उन बच्चों के लिए कितना संवेदनशील है, जिन्हें सबसे अधिक सहयोग की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “किसी समाज की वास्तविक प्रगति इस बात से तय होती है कि वह अपने सबसे अधिक सहयोग की आवश्यकता वाले बच्चों को कितना सम्मान, सुरक्षा और अवसर देता है। जिम्मेदार नागरिक वही है, जो अपने परिवार के साथ समाज के बच्चों के भविष्य की भी चिंता करे।”

उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा स्नेह, सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे।

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