खराब खानपान और अनियमित लाइफस्टाइल का असर सिर्फ वजन पर नहीं पड़ता, बल्कि पाचन तंत्र भी इससे प्रभावित हो सकता है। कम पानी पीना, फाइबर की कमी, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाना और शारीरिक गतिविधि कम होना जैसी आदतों के कारण गैस, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
ऐसे में पर्याप्त पानी, संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ कुछ पारंपरिक पेय भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। जीरा, अदरक और सौंफ से तैयार ड्रिंक्स पाचन को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, लगातार कब्ज या पेट की समस्या रहने पर सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
1. जीरा पानी
जीरा भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक लोकप्रिय मसाला है। इससे तैयार पानी को पारंपरिक रूप से भोजन के बाद होने वाली भारीपन, गैस और अपच जैसी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
जीरे में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकते हैं। इसे संतुलित डाइट और पर्याप्त पानी के साथ लिया जाए तो यह पेट को हल्का महसूस कराने में मदद कर सकता है।
कैसे तैयार करें?
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1 गिलास पानी
एक पैन में पानी और जीरा डालकर कुछ मिनट तक उबालें। जब पानी थोड़ा कम हो जाए तो गैस बंद कर दें। इसे हल्का गुनगुना होने दें और फिर छानकर पी सकते हैं।
2. अदरक की चाय
अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों में किया जाता रहा है। इसमें जिंजरोल जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर पाचन और सूजन से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं।
अदरक की हल्की चाय कुछ लोगों में पेट की असहजता और मितली जैसी समस्या को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता।
बनाने का तरीका
इसके लिए आपको चाहिए:
- करीब 1 इंच अदरक
- 2 कप पानी
- थोड़ी चायपत्ती, अगर चाहें
अदरक को कूटकर या कद्दूकस करके पानी में डालें। इसे करीब 6-7 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। चाहें तो थोड़ी चायपत्ती भी डाल सकते हैं। इसके बाद पेय को छानकर गर्म या हल्का गुनगुना सेवन करें।
3. सौंफ की चाय
खाने के बाद सौंफ चबाने की परंपरा भारत में काफी पुरानी है। सौंफ में फाइबर और कई तरह के पौधों से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं। इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन को आराम देने के लिए किया जाता है।
सौंफ की चाय को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से कुछ लोगों को पेट फूलने या भारीपन जैसी हल्की पाचन संबंधी परेशानियों में आराम महसूस हो सकता है। कब्ज की समस्या में हालांकि पर्याप्त फाइबर और पानी लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सौंफ की चाय कैसे बनाएं?
सामग्री:
- 1 छोटा चम्मच सौंफ
- 1 गिलास पानी
- आधा चम्मच शहद, वैकल्पिक
पानी में सौंफ डालकर करीब 5-6 मिनट तक उबालें। इसके बाद इसे छान लें। अगर पसंद हो तो पेय के हल्का गुनगुना होने पर थोड़ी मात्रा में शहद मिला सकते हैं।
सिर्फ इन ड्रिंक्स से नहीं सुधरेगी गट हेल्थ
गैस और कब्ज से बचने के लिए केवल किसी एक ड्रिंक पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। रोजाना पर्याप्त पानी पीना, खाने में फाइबर वाली चीजें शामिल करना, फल-सब्जियां खाना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना भी जरूरी है।
अगर कब्ज लंबे समय तक बना रहे, पेट में तेज दर्द हो, मल में खून दिखाई दे, लगातार उल्टी हो या बिना वजह वजन कम हो रहा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ध्यान रखें: आयुर्वेदिक या प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए कोई चीज पूरी तरह सुरक्षित ही होगी। अगर आप किसी बीमारी की दवा लेते हैं या कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित रूप से इनका सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।


































