नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद इलाके की स्थिति कितनी भयावह हो गई, इसका अंदाजा सैटेलाइट तस्वीरों से लगाया जा सकता है। बाढ़ से पहले और बाद की तस्वीरों में नदी के आसपास के इलाकों में हुए बदलाव और नुकसान साफ नजर आ रहे हैं।
Planet Labs की ओर से जारी सैटेलाइट फुटेज में रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से लेकर देवीघाट तक के क्षेत्रों की स्थिति दिखाई गई है। तस्वीरों में नदी के किनारे बसे इलाकों में जलभराव, मलबे और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का असर देखा जा सकता है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बाढ़ की भयावहता
सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए अलग-अलग इलाकों में बाढ़ के प्रभाव को समझा जा सकता है।
देवीघाट: यहां नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के तटीय इलाकों में पानी फैल गया। बाढ़ के पानी ने कई जगहों पर बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया।
बेत्रावती: तेज बहाव ने नदी के आसपास की जमीन का स्वरूप बदल दिया। पानी के साथ मिट्टी और मलबा बहने से सड़क और आसपास के हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
हाकुबेसी: इस इलाके में बाढ़ के साथ बड़ी मात्रा में मलबा पहुंचा। इससे रिहायशी क्षेत्रों और कृषि भूमि पर भी असर पड़ा।
स्याफ्रुबेसी: बाढ़ से पहले यह क्षेत्र हरा-भरा दिखाई देता था, लेकिन बाद की तस्वीरों में पानी, मिट्टी और मलबे ने इलाके की पूरी तस्वीर बदल दी।
बाढ़ में 95 लोगों की मौत की पुष्टि
नेपाल के दो मध्य जिलों में आई इस विनाशकारी बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बढ़ी है। जानकारी के अनुसार 105 भारतीयों के लापता होने की बात सामने आई है। प्रभावित लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
तमिलनाडु के पर्यटकों को लेकर भी चिंता
नेपाल घूमने गया तमिलनाडु के पर्यटकों का एक समूह भी बाढ़ के बाद प्रभावित हुआ है। जानकारी के मुताबिक 57 लोगों के इस दल में से 37 पर्यटकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 20 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।
वहीं केरल से नेपाल गया 36 लोगों का एक दल सुरक्षित बताया जा रहा है। यह समूह बाढ़ से प्रभावित इलाकों से दूर है और सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। सैटेलाइट तस्वीरों में सामने आया नुकसान बताता है कि बाढ़ का असर केवल नदी के आसपास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों, खेतों, बस्तियों और अन्य बुनियादी ढांचे तक इसका प्रभाव पहुंचा है।


































