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विकसित भारत के लिए संस्कारवान और सक्षम नागरिक जरूरी: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ, 17 जुलाई। सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत अर्थव्यवस्था और अत्याधुनिक तकनीक से ही पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए संस्कारवान, सक्षम, स्वस्थ और राष्ट्रप्रथम सोच रखने वाले नागरिकों का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना माता-पिता, विद्यालयों और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्रांति, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में नई पीढ़ी को ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यबोध और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना ही किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है। इतिहास हमें सामाजिक समरसता और एकजुटता का महत्व सिखाता है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आने वाले समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों को मूल्य, ज्ञान, तकनीक और फिटनेस का संतुलित आधार देना होगा। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और खेलों के माध्यम से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि सरोजनी नगर में संचालित 15 RBS डिजिटल एम्पावरमेंट सेंटर युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर रहे हैं। इन केंद्रों से अब तक 1,001 विद्यार्थी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, जबकि 481 विद्यार्थी वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

खेलों को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और नशामुक्त जीवन का संदेश दे रही है। लीग के 9 संस्करणों में 10,000 से अधिक युवा भाग ले चुके हैं। इसके तहत 1,500 से अधिक स्पोर्ट्स किट वितरित की गई हैं और 11 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव आधुनिक विकास के साथ-साथ मजबूत चरित्र और सक्षम मानव संसाधन पर ही टिकेगी। यदि देश को बेहतर भविष्य देना है तो आज से ही संस्कारवान, आत्मविश्वासी और राष्ट्रप्रथम सोच रखने वाली पीढ़ी तैयार करनी होगी।

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