आज के दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। अब बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और सलाह भी इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स से लेने लगे हैं। वजन घटाने, डायबिटीज कंट्रोल, बेहतर नींद, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर लाखों लोग ऑनलाइन टिप्स फॉलो कर रहे हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना जांचे-परखे हेल्थ टिप्स और दवाओं को अपनाना गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार सोशल मीडिया पर दी जाने वाली जानकारी वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होती और इससे लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है।
लोग क्यों कर रहे हैं भरोसा?
विशेषज्ञों के मुताबिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स खुद को आम लोगों की तरह पेश करते हैं, जिससे लोग उनसे जल्दी जुड़ाव महसूस करते हैं। कई लोग अपनी बीमारी, वजन घटाने या फिटनेस की कहानी साझा करते हैं, जिसे देखकर दूसरे लोग प्रभावित हो जाते हैं।
रिसर्चर्स का कहना है कि पारंपरिक मेडिकल सिस्टम पर घटते भरोसे के कारण भी लोग इंटरनेट पर मौजूद हेल्थ कंटेंट की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
हर सलाह आपके लिए सही नहीं
डॉक्टरों का कहना है कि किसी एक व्यक्ति का अनुभव हर किसी के शरीर पर लागू नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई घरेलू नुस्खे, सप्लीमेंट्स और दवाओं के दावे वैज्ञानिक परीक्षणों से साबित नहीं होते।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत हेल्थ जानकारी की वजह से लोग कई बार जरूरी इलाज छोड़ देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने लगते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
मुनाफे के लिए फैलती है गलत जानकारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया पर डर या भ्रम फैलाकर अपने प्रोडक्ट्स और कोर्स बेचने की कोशिश करते हैं। कई अकाउंट बिना मेडिकल योग्यता के हेल्थ एक्सपर्ट बनकर सलाह देते हैं।
फर्जी दावों में चमत्कारी इलाज, बिना प्रमाण वाले सप्लीमेंट्स और गंभीर बीमारियों के घरेलू उपचार जैसी बातें शामिल हो सकती हैं।
हेल्थ टिप्स फॉलो करने से पहले क्या करें?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी ऑनलाइन हेल्थ टिप को अपनाने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें। ध्यान रखें कि—
- सलाह देने वाला व्यक्ति मेडिकल प्रोफेशनल है या नहीं
- जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित है या नहीं
- कहीं वह किसी प्रोडक्ट का प्रचार करके फायदा तो नहीं कमा रहा
- किसी भी दवा या इलाज को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें
विशेषज्ञों का कहना है कि सही और भरोसेमंद जानकारी के लिए प्रमाणित मेडिकल संस्थानों और डॉक्टरों की राय को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित तरीका है।


































