डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह इस सप्ताह खत्म होने वाला नहीं है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने उम्मीद जताई कि जंग ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि भले ही यह इस हफ्ते खत्म नहीं होगी, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है और इसके बाद दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे जंग के खत्म होने की समयसीमा पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले सकारात्मक संकेत दिए, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि तत्काल विराम संभव नहीं है।
ईरान के जवाबी हमलों पर प्रतिक्रिया
ट्रंप ने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान ने पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की।
इन हमलों में कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत जैसे देश भी प्रभावित हुए। ट्रंप के अनुसार, इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद खुफिया एजेंसियों को भी नहीं थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर योजना
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही उन देशों के नाम सामने लाएगा जो होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, जहां से करीब 20% तेल गुजरता है।
उन्होंने यह भी जताया कि कुछ देश अब भी खुलकर सहयोग करने से बच रहे हैं, जबकि उनकी ऊर्जा आपूर्ति इसी मार्ग पर निर्भर करती है।
यूरोप के रुख पर टिप्पणी
यूरोपीय देशों की भूमिका पर ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय संघ फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए है। यूरोपीय विदेश मंत्रियों की बैठक में इस क्षेत्र में नौसेना भेजने पर चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल इसे आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया।
यूरोपीय संघ की शीर्ष कूटनीतिज्ञ काजा कलास ने कहा कि यह यूरोप की सीधी जंग नहीं है, हालांकि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अमेरिकी सैनिकों पर असर
इस पूरे अभियान के दौरान Pentagon के मुताबिक करीब 200 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश अब ठीक होकर ड्यूटी पर लौट चुके हैं। वहीं, 13 सैनिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है।
कुल मिलाकर, हालात अभी तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन अमेरिका का दावा है कि यह संघर्ष जल्द ही समाप्ति की ओर बढ़ सकता है।

































